केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विवाह कानून (संशोधन) विधेयक 2010 को संसद में पेश करने की मंजूरी प्रदान की

India Current Affairs 2012. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हिंदू विवाह अधिनियम 1955 और स्पेशल मैरिज एक्ट 1954 में संशोधन के उद्देश्य से तैयार विवाह कानून (संशोधन) विधेयक 2010...

Created On: Mar 29, 2012 17:18 ISTModified On: Mar 29, 2012 17:18 IST

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हिंदू विवाह अधिनियम 1955 और स्पेशल मैरिज एक्ट 1954 में संशोधन के उद्देश्य से तैयार विवाह कानून (संशोधन) विधेयक 2010 (Marriage Laws Amendment Bill, 2010) को संसद में पेश करने की मंजूरी 23 मार्च 2012 को प्रदान की. इस विधेयक से महिलाओं को तलाक के बाद भी पति की संपत्ति में पूरा अधिकार मिल गया. हालांकि उसे इसमें से कितनी संपत्ति दी जाएगी, इसका फैसला अदालत मामले के आधार पर करेगी.

विधेयक की सबसे विशेष तथ्य यह है कि इसमें पत्नी को अधिकार दिया गया है कि वह इस आधार पर तलाक मांग सकती है कि उसका दांपत्य जीवन ऐसी स्थिति में पहुंच गया है, जहां विवाह कायम रहना नामुमकिन है. विधेयक में पति-पत्नी में तलाक के बावजूद गोद लिए गए बच्चों को भी संपत्ति में उसी तरह का हक होगा, जैसा कि किसी दंपती के खुद के बच्चों को. विधेयक में यह व्यवस्था है कि आपसी सहमति से तलाक का मुकदमा दायर करने के बाद दूसरा पक्ष अदालती कार्यवाही से भाग नहीं सकता.

हिंदू विवाह अधिनियम 1955 की धारा 1313 के तहत अभी व्यभिचार, क्रूरता, परित्याग, धर्मातरण, मानसिक अस्वस्थता, गंभीर कुष्ठ रोग, गंभीर संचारी रोग और सात साल या अधिक समय तक जिंदा या मृत की जानकारी न होने के आधार पर तलाक लिया जा सकता है. हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13-बी और स्पेशल मैरिज एक्ट की धारा 28 में तलाक की याचिका दायर करने के लिए आपसी सहमति को आधार बनाया गया है. यदि इस तरह की याचिका को छह से 18 महीने के भीतर वापस नहीं लिया जाता तो कोर्ट आपसी सहमति से तलाक की डिक्री दे सकता है. संसदीय समिति ने तलाक के लिए अनिवार्य प्रतीक्षा अवधि को खत्म करने का विरोध किया था. इसे ध्यान में रखते हुए विधेयक में कहा गया है कि यह फैसला अदालत के पास होगा कि वह तलाक के लिए अनिवार्य प्रतीक्षा अवधि का पालन करवाती है या नहीं.

विदित हो कि राज्यसभा में यह विधेयक वर्ष 2010 में पेश किया गया था. वहां से इसे संसद की स्थायी समिति के पास भेजा गया था. समिति के सुझावों को शामिल करते हुए विधेयक को फिर मंत्रिमंडल के सामने पेश किया गया था. प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस विधेयक को पास कर दिया गया. अब यह विधेयक संसद में फिर से पेश किया जाना है.

Take Weekly Tests on app for exam prep and compete with others. Download Current Affairs and GK app

एग्जाम की तैयारी के लिए ऐप पर वीकली टेस्ट लें और दूसरों के साथ प्रतिस्पर्धा करें। डाउनलोड करें करेंट अफेयर्स ऐप

AndroidIOS
Comment ()

Post Comment

7 + 4 =
Post

Comments

    Whatsapp IconGet Updates

    Just Now