छत्तीसगढ़ में कुपोषण दर 47.1 प्रतिशत से घटकर 30 प्रतिशत हुई

महिला एवं बाल विकास विभाग के 16 दिसम्बर 2015 को जारी आकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में कुपोषण की दर में 17 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है.

Created On: Dec 17, 2015 16:29 ISTModified On: Dec 17, 2015 17:46 IST

महिला एवं बाल विकास विभाग के 16 दिसम्बर 2015 को जारी आकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में कुपोषण की दर में भारी कमी दर्ज की गई है. वर्ष 2015 के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में कुपोषण दर अब 30 प्रतिशत है. पिछले दस वर्षों में कुपोषण दर में 17 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी आई है.

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-2005-06 (वजन आधारित) के अनुसार प्रदेश में कुपोषण दर 47.1 प्रतिशत थी. कुपोषण दर में यह गिरावट निरंतर जारी है.

कुपोषण व इसके कारण-

  • कुपोषण एक चक्र है.
  • प्रदेश में कुपोषण की दृष्टि से राज्य के 17 हाई बर्डन जिले हैं.
  • खान-पान के गलत तरीकों, भोजन में पौष्टिकता की कमी जैसे कई कारणों से होती है.
  • शून्य से छह वर्ष की बालक- बालिकाएं का उचित पालन पोषण न होने के कारण वे इसके शिकार हो जाते हैं.
  • कुपोषण से बचने के लिए गर्भवती तथा शिशुवती माताओं की देखभाल अति आवश्यक है.
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