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छोटी अवधि के फसल ऋण पर ब्याज में दो फीसदी की छूट

इस योजना के तहत, तुरंत ऋण चुकाने वाले किसानों को अतिरिक्त दो फीसदी ब्याज सहायता दी जायेगी. ऐसे किसानों के लिए अल्पकालिक फसली ऋण की प्रभावी दर चार फीसदी प्रति वर्ष होगी.

Mar 10, 2019 11:12 IST

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 07 मार्च 2019 को वर्ष 2018-19 और वर्ष 2019-20 के दौरान अल्पकालिक फसल ऋण को लेकर दो फीसदी की ब्याज सहायता (सब्सिडी) के संदर्भ में बैंकों के लिए नियमों को अधिसूचित किया.

केंद्र सरकार ने इस योजना को पहले ही मंजूरी दे दी है. आरबीआई ने कहा कि सात फीसदी की ब्याज दर पर किसानों को तीन लाख रुपये तक के अल्पकालिक फसल ऋण प्रदान करने के लिए और ऋण देने वाली संस्थाओं को दो फीसदी प्रति वर्ष की ब्याज सहायता देने का निर्णय लिया गया है.

इस दो फीसदी की ब्याज सहायता की गणना, किसान के फसली ऋण के वितरण की तारीख से लेकर किसान द्वारा वास्तविक पुनर्भुगतान की तारीख तक या उसके द्वारा निर्धारित ऋण की नियत तिथि, जो भी पहले हो, तक की जायेगी. बशर्ते कि इसका समय अधिकतम एक वर्ष हो.

अतिरिक्त दो फीसदी ब्याज:

इस योजना के तहत, तुरंत ऋण चुकाने वाले किसानों को अतिरिक्त दो फीसदी ब्याज सहायता दी जायेगी. ऐसे किसानों के लिए अल्पकालिक फसली ऋण की प्रभावी दर चार फीसदी प्रति वर्ष होगी.

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई):

भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) भारत का केन्द्रीय बैंक है. यह भारत के सभी बैंकों का संचालक है. रिजर्व बैक भारत की अर्थव्यवस्था को नियन्त्रित करता है. इसकी स्थापना 01 अप्रैल 1935 को रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया ऐक्ट 1934 के अनुसार हुई. भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना हिल्टन यंग कमीशन के द्वारा किया गया था.

प्रारम्भ में इसका केन्द्रीय कार्यालय कोलकाता में था जो वर्ष 1937 में मुम्बई आ गया. पहले यह एक निजी बैंक था किन्तु सन 1949 से यह भारत सरकार का उपक्रम बन गया है. शक्तिकांत दास भारतीय रिजर्व बैंक के वर्तमान गवर्नर हैं, जिन्होंने 11 दिसम्बर 2018 को पदभार ग्रहण किया. पूरे भारत में रिज़र्व बैंक के कुल 22 क्षेत्रीय कार्यालय हैं जिनमें से अधिकांश राज्यों की राजधानियों में स्थित हैं.

 

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