झारखंड में राष्ट्रपति शासन पर संसद की मंजूरी

29 जुलाई 2010 को संसद ने झारखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने के प्रस्ताव को बिना चर्चा मंजूरी दे दी. बिना चर्चा मंजूरी की वजह महंगाई के मुद्दे पर विपक्षी द्वारा विरोध रहा.      

Created On: Oct 18, 2010 14:11 ISTModified On: Oct 18, 2010 14:11 IST

29 जुलाई 2010 को संसद ने झारखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने के प्रस्ताव को बिना चर्चा मंजूरी दे दी. बिना चर्चा मंजूरी की वजह महंगाई के मुद्दे पर विपक्षी द्वारा विरोध रहा.      राज्यसभा में गृह राज्य मंत्री मुल्लापल्ली रामचंद्रन ने यह प्रस्ताव पेश किया जबकि लोकसभा में गृह राज्य मंत्री अजय माकन ने इसे पेश किया.

झारखण्ड के मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के इस्तीफे के बाद किसी भी राजनीतिक दल या गठबंधन के बहुमत में नहीं रहने के कारण झारखंड में 1 जून 2010 से राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया था. झारखंड की 81 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 42 विधायकों का समर्थन आवश्यक है.

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