डॉ. आर एल भट द्वारा लिखित पुस्तक 'रैशनलाइज्ड रोमन फॉर कश्मीरी' का विमोचन किया गया

डॉ. आर एल भट द्वारा लिखी गई पुस्तक रैशनलाइज्ड रोमन फॉर कश्मीरी का 23 मार्च 2014 को विमोचन हुआ.

Created On: Mar 25, 2014 10:59 ISTModified On: Mar 25, 2014 11:01 IST

रैशनलाइज्ड रोमन फॉर कश्मीरी -  डॉ. आर एल भट

डॉ. आर एल भट द्वारा लिखी गई पुस्तक रैशनलाइज्ड रोमन फॉर कश्मीरी का 23 मार्च 2014 को विमोचन हुआ. पुस्तक बताती है कि कंप्यूटर पर माइक्रोसॉफ्ट वर्ड या टाइपराइटर का इस्तेमाल करके बिना किन्हीं विशेष फोंट्स की जरूरत के भाषा लिखी जा सकती है. 

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पुस्तक 'रैशनलाइज्ड रोमन फॉर कश्मीरी (आरआरके) प्रस्तुत करने के लिए डॉ. आर एल भट ने अंग्रेजी अक्षरों पर ब्राह्मी अक्षरों के सिद्धांतों का प्रयोग कर कश्मीरी भाषा लिखने के लिए अंग्रेजी अक्षरों के वैज्ञानिक संशोधन पर काम किया. परिणामस्वरूप सरल और ग्राह्य आरआरके स्कीम सामने आई, जिससे हिंदी, उर्दू, डोगरी और अन्य भाषाएँ लिखी जा सकती हैं.  

पुस्तक में कश्मीरी लिखने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली लिपि का विस्तृत सर्वेक्षण और उर्दू तथा हिंदी भाषाओँ और उनकी लिपियों पर चर्चा भी की गई है.

कश्मीर का निर्वासित समुदाय अपनी मातृभाषा के संरक्षण की गंभीर चुनौती का सामना कर रहा है. युवा पीढ़ी के लिए कश्मीरी लिखने हेतु लिपियाँ विकसित करने और फलस्वरूप देवनागरी लिपि का संशोधन करने की आवश्यकता अनुभव की गई.  

कश्मीरी भाषा के बारे में

कश्मीरी भारोपीय भाषा परिवार के दार्दी उप-समूह की भाषा है और मुख्यत: जम्मू और कश्मीर में कश्मीर घाटी में बोली जाती है. 2001 की जनगणना के अनुसार, पूरे भारत में इसे बोलने वालों की संख्या लगभग 55,27,698 है.  

भारत के संविधान के अनुसार कश्मीरी भाषा भारत की 22 अनुसूचित भाषाओँ में से एक है. कश्मीरी जम्मू और कश्मीर के संविधान की छठी अनुसूची का भी अंग है. नवंबर 2008 से कश्मीरी भाषा घाटी के समस्त विद्यालयों में माध्यमिक स्तर तक एक अनिवार्य विषय बना दी गई है.

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