पर्यटकों का पसंदीदा राज्य बना उत्तरप्रदेश: एसोचैम

उत्तर प्रदेश विश्व धरोहरों की मौजूदगी के साथ-साथ सुरक्षा के लिहाज से बेहतर और किफायती होने से नये साल की छुट्टियां मनाने के लिए आने वाले सैलानियों की पसंदीदा जगह है.

Created On: Dec 26, 2015 19:13 ISTModified On: Dec 26, 2015 20:48 IST

भारत में वर्षान्त पर्यटन रुझान-2015 पर एसोचैम सोशल डेवलपमेंट फाउंडेशन द्वारा ‘इयर एंड टूरिज्म ट्रेंड्स इन इंडिया (2015) के 26 दिसम्बर 2015 के ताजा अध्ययन के अनुसार उत्तर प्रदेश विश्व पर्यटन मानचित्र पर विदेशी सैलानियों का पसंदीदा राज्य बन गया है.  

  • उत्तर प्रदेश विश्व धरोहरों की मौजूदगी के साथ-साथ सुरक्षा के लिहाज से बेहतर और किफायती होने से नये साल की छुट्टियां मनाने के लिए आने वाले सैलानियों की पसंदीदा जगह है.
  • अध्ययन के मुताबिक देश की उत्तरी, मध्य तथा तटीय पट्टी में नये साल की छुट्टियां मनाने के लिए करीब 15 लाख घरेलू तथा विदेशी पर्यटकों की आमद की संभावना है.
  • रपट के अनुसार अकेले उत्तर प्रदेश में ही करीब तीन लाख सैलानियों के पहुंचने की उम्मीद है.
  • यह आंकड़ा सम्भावित पर्यटक संख्या का लगभग 20 फीसदी है.

  • इन पर्यटकों ने आगरा, फतेहपुर सीकरी, इलाहाबाद, अयोध्या, ब्रजमण्डल, सारनाथ, वाराणसी तथा अन्य पर्यटन स्थलों पर जाने की इच्छा जाहिर की है.
  • एसोचैम की रिपोर्ट में विमानन सेवाओं को बेहतर करने, पर्यटन स्थलों का विकास करने, तीर्थस्थलों के बेहतर प्रबंधन तथा राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में पर्यटन को बढावा देने के लिए उठाये गये अन्य कदमों की वजह से उत्तर प्रदेश घरेलू तथा विदेशी पर्यटकों के लिए  दिलचस्पी का केंद्र बना है.
  • पेरिस में हुए आतंकवादी हमले के बाद वैश्विक पर्यटन केंद्रों पर जाने की पर्यटकों की अनिच्छा के कारण नये साल के छुट्टी सीजन में घरेलू पर्यटन कारोबार में भी 10 प्रतिशत का उछाल आने का अनुमान है.
  • उद्योग मण्डल के अध्ययन के अनुसार अंडमान और निकोबार तथा पर्यटन केंद्रों के लिहाज से सम्पन्न गोवा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, केरल, राजस्थान, उत्तराखण्ड तथा उत्तर प्रदेश के साथ-साथ पूर्वोत्तर राज्यों में बडी संख्या में पर्यटकों की आमद की सम्भावना के मद्देनजर कारोबार में खासे इजाफे की उम्मीद है.
  • विदेशों में हाल ही में आतंकवादी हमलों का उन जगहों के पर्यटन कारोबार पर खासा नकारात्मक असर पड़ने की आशंका है.
  • पर्यटक विदेशों में हुए आतंकी हमलों से भारत की ओर आकर्षित हो सकते हैं.
  • बढती महंगाई, महंगे हो रहे हवाई किराये और होटल, रुपये की विनिमय दर में अनिश्चित उतार-चढाव तथा सम्बन्धित अन्य कारकों की वजह से सुस्त पड़े घरेलू पर्यटन उद्योग को इससे बल मिलेगा.

  • एसोचैम कि रिपोर्ट का आधार पिछले एक महीने के दौरान लखनऊ, अहमदाबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, इन्दौर, जयपुर, कोलकाता, मुम्बई तथा पुणे में घूमने-फिरने के शौकीन करीब 500 लोगों से बातचीत है.
  • उन पर्यटकों में से करीब 60 फीसदी लोगों ने कहा कि वे नये साल की छुट्टियों पर जाने की योजना बना रहे हैं.
  • अध्ययन के मुताबिक आधे से ज्यादा उत्तरदाताओं ने कहा कि वे हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, उत्तराखण्ड, उत्तर प्रदेश जैसे उत्तरी पर्यटन केंद्रों पर जाने का मन बना चुके हैं.
  • वे दक्षिण भारत के उन पर्यटन स्थलों पर नहीं जाना चाहते, जहां हाल में जबरदस्त बारिश हुई थी.
  • रिपोर्ट के अनुसार मात्र आठ से 10 प्रतिशत लोगों ने ही कहा कि वे दुबई, हांगकांग, मलेशिया, मालदीव, मारीशस, श्रीलंका, सिंगापुर तथा अन्य ‘सुरक्षित' स्थानों पर छुट्टियां मनाने की तैयारी कर रहे हैं.
  • एसोचैम के प्रतिनिधियों ने उपरोक्त शहरों में काम कर रहे अनेक टूर आपरेटरों से भी बात की. ज्यादा संख्या में घरेलू पर्यटन स्थलों की बुकिंग की रही हैं.

एसोचैम  के बारे में-

  • भारतीय वाणिज्य एंव उद्योग मंडल (The Associated Chambers of Commerce and Industry/ ASSOCHAM) या एसोचैम भारत के वाणिज्य संघों की प्रतिनिधि संस्था है.
  • इसकी स्थापना १९२० में हुई थी.
  • वर्तमान में भारत की एक लाख से अधिक कंपनियाँ इसकी सदस्य हैं.
  • एसोचैम भारत की वाणिज्य एवं व्यापार के हितों की रक्षा के लिये काम करता है.
  • इसके अध्यक्ष सुनील कनोरिया हैं.

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