प्रवासी भारतीय कामगारों हेतु यूएई में महात्मा गांधी प्रवासी सुरक्षा योजना प्रारंभ

प्रवासी भारतीय कामगारों हेतु यूएई में महात्मा गांधी प्रवासी सुरक्षा योजना अप्रैल 2014 के चौथे सप्ताह में यूएई में प्रारंभ की गई

Created On: Apr 30, 2014 03:30 ISTModified On: May 1, 2014 11:12 IST

प्रवासी भारतीय मामलों के मंत्रायल ने खाड़ी देशों के प्रवासी भारतीय कामगारों हेतु महात्‍मा गांधी प्रवासी सुरक्षा योजना (एमजीपीएसवाई) नाम की विशेष सामाजिक सुरक्षा योजना अप्रैल 2014 के चौथे सप्ताह में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में शुरु की.

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यह एक स्‍वैच्छिक योजना है जिसका लक्ष्‍य कामगारों को वृद्धावस्‍था पेंशन, जीवन बीमा योजना में शामिल होने हेतु प्रोत्‍साहित करना और सक्षम बनाना है.
यह योजना एनपीएस-लाइट (राष्‍ट्रीय पेंशन योजना) के माध्‍यम से उन्‍हें वृद्धावस्‍था के लिए पेंशन बचाने, उनकी वापसी और पुनर्वास के लिए बचत करने तथा नि:शुल्‍क जीवन बीमा कवर हासिल करने में मदद करती है, मंत्रालय भी पांच साल की अवधि त‍क अथवा कामगारों की भारत वापसी तक,जो भी पहले हो, इस योजना में सह-योगदान देगा.

महात्‍मा गांधी प्रवासी सुरक्षा योजना (एमजीपीएसवाई) द्वारा यूएई में प्रारंभ की गई  सामाजिक सुरक्षा योजना का विवरण निम्न है.

वृ‍द्धावस्‍था पेंशन

यह योजना कामगारों को उनकी वृ‍द्धावस्‍था के लिए बचत करने में मदद करेगी है. वृद्धावस्‍था बचत का प्रबंधन विश्‍वसनीय सार्वजनिक क्षेत्र पेंशन निधि द्वारा किया जाएगा. कामगार जहां अपने पेंशन खाते में 1000 रुपये से 1200 रुपये तक की राशि जमा करेगा, वहीं कामगार के पुरुष होने पर 1000 रुपये और महिला होने पर 2000 हजार रुपये का सह-योगदान उनके खाते में मंत्रालय द्वारा जमा कराया जाएगा.

रिटर्न और रिसेटलमेंट बचत
        
कामगारों की भारत में वापसी पर तत्‍काल उनकी धन की जरूरत को पूरा करने के लिए रिटर्न और रिसेटलमेंट के रूप में एक वैकल्‍पिक होगी. यह योजना एक छोटे समय में पुनर्वास संबंधी व्‍ययों को पूरा करने में और धन की बचत करने में मदद करेगी. इस योजना में कामगार द्वारा 4000 रुपये के निवेश के बाद मंत्रालय की ओर से उनके इस खाते में 900 रुपये का योगदान किया जाएगा है.

बीमा सुरक्षा

इस योजना के अधीन पंजीकृत प्रवासी भारतीय कामगार को मुफ्त में जीवन बीमा की सुरक्षा मिलेगी जो खाड़ी देशों में कार्यरत रहने तक लागू होगी.

एमजीपीएसवाई में प्रवासी मामले के मंत्रालय का योगदान

यदि कोई कामगार 5000 रुपये प्रति वर्ष अंशदान देता है तो पूरी योजना के लिए महिला कामगार के मामले में मंत्रालय की ओर से 3000 रुपये का योगदान और पुरुष कामगार के मामले में 2000 रुपये योगदान किया जायेगा. मंत्रालय का योगदान इस योजना में उपभोक्‍ता द्वारा आवश्‍यक अंशदान की शर्त पर आधारि‍त है. यह योगदान कम से कम 5 वर्ष अथवा नियोजन की अवधि के लिए, जो भी पहले हो, लागू होगा.

विदित हो कि 18 से 50 वर्ष के बीच उम्र वाला प्रवासी भारतीय कामगार जो रोजगार/अनुबंध वीज़ा पर है, वह इस योजना में शामिल होने का पात्र है. मंत्रालय ने पात्र प्रवासी भारतीय कामगारों को इस योजना से लाभान्‍वित के लिए भारतीय जीवन बीमा निगम और बैंक ऑफ बड़ौदा को अधिकृत किया है. बैंक ऑफ बड़ौदा और भारतीय जीवन बीमा निगम पात्र उपभोक्‍ताओं को एमजीपीएसवाई खाता खोलने में मदद करेंगे और इन्‍हें सेवाएं प्रदान करेंगे. इसके साथ ही साथ पात्र कामगार भारत स्‍थि‍त प्रवासी संरक्षक (पीओई) के कार्यालय में अथवा खाड़ी देशों में अधिकृत एग्रीगेटर के कार्यालय स्थित विशेष सहायता डेस्‍क में एमजीपीएसवाई खाता खोल सकता है.

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