ब्रिटेन ने तीन लोगों के डीएनए का उपयोग कर बच्चे को जन्म देने की अनुमति दी

यूनाइटेड किंगडम (यूके) के हाउस ऑफ लॉर्ड्स ने 24 फ़रवरी 2015 को तीन लोगों के डीएनए का उपयोग कर बच्चे के जन्म को अनुमति  दी है

Created On: Feb 26, 2015 15:54 ISTModified On: Feb 26, 2015 15:55 IST

यूनाइटेड किंगडम (यूके) के हाउस ऑफ लॉर्ड्स ने 24 फ़रवरी 2015 को तीन लोगों के डीएनए का उपयोग कर बच्चे के जन्म को अनुमति  दी है.हाउस ऑफ लॉर्ड्स में मानव निषेचन और भ्रूणविज्ञान अधिनियम 1990 के संशोधन पर हुए मतदान में बहुमत का निर्णय इसके पक्ष में आया.

इसके साथ ही यूनाइटेड किंगडम माईटोकोनड्रीयल दान तकनीक का उपयोग करते हुए तीन-माता पिता वाले आईवीएफ डिजाइनर शिशुओं के जन्म को वैध बनाने वाला विश्व का पहला देश बन गया है.इस तरह के पहले बच्चे का जन्म 2016 में होगा.

इससे पहले 3 फ़रवरी 2015 को हाउस ऑफ कॉमन्स में इस विधेयक के पक्ष में मतदान किया गया था.अब ब्रिटेन की निषेचन नियामक, मानव निषेचन और भ्रूणविज्ञान प्राधिकरण (एचईएफए) लाइसेंस देने की प्रक्रिया का फैसला करेगी.

विधेयक का महत्व

यह कानून माँ से बच्चे में जाने वाली गंभीर बीमारियों पर रोक लगाने में सहायक साबित होगा क्योंकि इस प्रक्रिया से वंशानुगत समस्याओं में स्थायी बदलाव करना सम्भव होगा.अब यूनाइटेड किंगडम में वंशानुगत माइटोकॉन्ड्रियल बीमारियों से ग्रस्त महिलाओं के द्वारा वंशानुगत बीमारियों का वहन नहीं होने से स्वस्थ्य बच्चों को जन्म देना संभव होगा.

माइटोकॉन्ड्रियल दान तकनीक दोषपूर्ण माइटोकॉन्ड्रिया को मां से बच्चों में स्थानांतरित होने से रोकता है.इस प्रकार  दोषपूर्ण माइटोकॉन्ड्रिया से मस्तिष्क क्षति, मांसपेशी ह्रास, ह्र्द्याघात और अंधापन जैसे खतरनाक बीमारियों से नवजात शिशुओं को बचाया जा सकता है.

 

 

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