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भारतीय रिज़र्व बैंक ने आईडीबीआई को निजी बैंक घोषित किया

एलआईसी ने आईडीबीआई बैंक में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण जनवरी 2019  में पूरा किया था. रिजर्व बैंक ने नियामकीय उद्देश्य से आईडीबीआई बैंक को निजी क्षेत्र के बैंक की श्रेणी में रखा है.

Mar 15, 2019 12:19 IST
प्रतीकात्मक फोटो

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 14 मार्च 2019 को आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) को निजी क्षेत्र के बैंक की श्रेणी में रख दिया है. भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) द्वारा आईडीबीआई बैंक में अधिग्रहण के बाद यह कदम उठाया गया है.

रिजर्व बैंक ने नियामकीय उद्देश्य से आईडीबीआई बैंक को निजी क्षेत्र के बैंक की श्रेणी में रखा है. एलआईसी के आईडीबीआई बैंक में चुकता शेयर पूंजी का 51 प्रतिशत अधिग्रहण के बाद बैंक को निजी श्रेणी में डाला गया है.

आरबीआई का फैसला

•    आईडीबीआई बैंक को आरबीआई के तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई रूपरेखा के अंतर्गत रखा गया है.

•    यह कंपनियों को दिये जाने वाले कर्ज तथा शाखा विस्तार, वेतन वृद्धि तथा अन्य नियमित गतिविधियों पर रोक लगाता है.

•    रिज़र्व बैंक ने अपने नये शेयरधारक एलआईसी के साथ मिलकर बैंक तथा बीमा को एक छत के नीचे लाने को लेकर पुनरूद्धार रणनीति तैयार की है.

•    आईडीबीआई में मालिकाना हक सरकार की जगह एलआईसी के हाथों जाने के बाद बैंक अब निजी क्षेत्र का उपक्रम हो गया है.

एलआईसी द्वारा आईडीबीआई का अधिग्रहण

भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने सार्वजनिक क्षेत्र के आईडीबीआई बैंक में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया है जिसकी जानकारी 21 जनवरी 2019 को सार्वजनिक की गई. इस अधिग्रहण के साथ एलआईसी अब आईडीबाईआई बैंक में बहुलांश शेयरधारक हो गया है. दोनों इकाईयों का मानना है कि इससे दोनों इकाइयों के शेयरधारकों, ग्राहकों और कर्मचारियों के लिये नये अवसर पैदा किये जा सकेंगे.

पृष्ठभूमि

वित्त मंत्री ने वर्ष 2016 के अपने बजट भाषण में घोषणा की थी कि आईडीबीआई बैंक में बदलाव की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है और सरकार इस प्रक्रिया को जारी रखेगी तथा अपनी हिस्सेदारी घटाकर 50 प्रतिशत से नीचे करने के विकल्प पर विचार करेगी. एलआईसी ने बोर्ड की स्वीकृति से आईडीबीआई बैंक में नियंत्रणकारी हिस्से के अधिग्रहण के लिए भारत के बीमा नियामक तथा विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) से अनुमति मांगी थी. एलआईसी ने आईआरडीएआई से स्वीकृति प्राप्त होने पर आईडीबीआई बैंक के 51 प्रतिशत नियंत्रणकारी हिस्से के अधिग्रहण में अभिरुचि व्यक्त की थी.

 

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