भारत के अत्याधुनिक उपग्रह जीसैट-10 का सफल प्रक्षेपण

India Current Affairs 2012. भारत के सबसे भारी उपग्रह जीसैट-10 का एरियन-5 राकेट द्वारा फ्रेंच गुयाना (दक्षिण अमेरिका) के कोरू प्रक्षेपण स्थल से 29 सितंबर 2012 को सफल प्रक्षेपण किया गया

Created On: Sep 29, 2012 11:13 ISTModified On: Sep 29, 2012 12:50 IST

भारत के सबसे भारी उपग्रह जीसैट-10 का एरियन-5 राकेट द्वारा फ्रेंच गुयाना (दक्षिण अमेरिका) के कोरू प्रक्षेपण स्थल से 29 सितंबर 2012 को सफल प्रक्षेपण किया गया. उड़ान भरने के 30 मिनट बाद एरियन-5 ने उपग्रह को अपेक्षित कक्षा में पहुंचा दिया.

उपग्रह जीसैट-10 को उसकी कक्षा में स्थापित करने से पहले एरियन-5 ने अपने साथ ले जा गए यूरोपीय उपग्रह एएसटीआरए 2एफ को उसकी कक्षा में छोड़ा.

जीसैट-10 भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा निर्मित अब तक का सबसे भारी उपग्रह है. इसका वजन 3400 किलोग्राम है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का मुख्यालय बेंगलुरु में है. यह इसरो का 101वां अंतरिक्ष मिशन था. इससे दूरसंचार, डायरेक्ट टू होम और रेडियो नेविगेशन सेवाओं में और वृद्धि होगी.

उपग्रह जीसैट-10 पर कुल 30 ट्रांसपोंडर लगे हैं जिससे देश की संचार और प्रसारण क्षमता में बढ़ोतरी होगी. इनमें 12 ट्रांसपोंडर केयू-बैंड, 12 ट्रांसपोंडर सी- बैंड और छह ट्रांसपोंडर विस्तारित सी-बैंड के हैं. यह एयरपोर्ट्स अथोरिटी आफ इंडिया को उड्डयन संबंधी जरूरतों के लिए ग्लोबल पोजिशनिंग सेटेलाइट सिगनल मुहैया कराएगा.

उपग्रह पर दिशासूचक प्रणाली (गगन) भी स्थापित है जिसका प्रयोग जो भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को उड्डयन संबंधी जरूरतों के लिए ग्लोबल पोजिशनिंग सेटेलाइट सिगनल मुहैया कराएगा.

यह नवंबर 2012 से व्यावसायिक उपयोग के लिए उपलब्ध होगा. जीसैट-10 का जीवनकाल 15 वर्ष का है.

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