भारत के प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह की बांग्लादेश की दो दिवसीय राजकीय यात्रा संपन्न

International/World Current Affairs 2011. भारत के प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह की बांग्लादेश की दो दिवसीय राजकीय यात्रा 7 सितंबर 2011 को संपन्न हो गई. प्रधानमंत्री के साथ जाने वाले प्रतिनिधिमंडल के 136 सदस्यों...

Created On: Sep 8, 2011 17:19 ISTModified On: Sep 8, 2011 17:19 IST

भारत के प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह की बांग्लादेश की दो दिवसीय राजकीय यात्रा 7 सितंबर 2011 को संपन्न हो गई. प्रधानमंत्री के साथ जाने वाले प्रतिनिधिमंडल के 136 सदस्यों में विदेशमंत्री, असम, मिजोरम, त्रिपुरा और मेघालय के मुख्यमंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, विदेश सचिव, सचिव (जल संसाधन) और अन्य वरिष्ठ अधिकारी थे.
 
यात्रा के दौरान दोनों देशो ने भूमि सीमांकन के बारे में ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किया. दोनों प्रधानमंत्रियों ने दोनों देशों के बीच विकास के लिए सहयोग के बारे में एक ढांचागत समझौते पर भी हस्ताक्षर किया. दोनों देशों ने नवीकरणीय ऊर्जा, मत्स्य पालन, बंगलादेश टेलीविजन और दूरदर्शन के बीच सहयोग के साथ ही ढाका विश्वविद्यालय और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय तथा बांग्लादेश फैशन तकनीकी संस्थान और भारतीय राष्ट्रीय फैशन तकनीकी संस्थानों के बीच शैक्षिक सहयोग पर भी सहमति-पत्रों पर हस्ताक्षर किया. इसके अलावा सुंदरवन और रॉयल बंगाल टाइगर्स के संरक्षण पर भी हस्ताक्षर किए गए.

भारत और बांग्लादेश ने वार्ता के दौरान अपनी धरती का उपयोग किसी भी ऐसी गतिविधि के लिए नहीं होने देने की प्रतिबद्धता दोहराई जो एक-दूसरे के प्रतिकूल हो. इसके अलावा दोनों देशो ने यह भी कहा कि चरमपंथ सहित किसी भी तरह के आतंकवाद के खिलाफ वे समझौता नहीं करेंगे. वार्ता के दौरान आतंकवाद, चरमपंथ, सीमा विवाद, व्यापार और तीस्ता सहित नदियों का जल बंटवारा जैसे विषयों पर चर्चा की गई.

प्रधानमंत्रियों द्वारा दोनों देशों के बीच एक प्रत्यर्पण संधि की जरूरत को भी रेखांकित किया गया. इसके अलावा उन्होंने इस बात पर संतुष्टि जताई कि आपराधिक मामलों पर पारस्परिक कानूनी सहायता समझौता, सजायाफ्ता व्यक्तियों का स्थानांतरण संबंधी समझौता और अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद, संगठित अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी से लड़ने संबंधी समझौता, जिस पर जनवरी 2010 में हस्ताक्षर किया गया था, अब प्रभावी रूप से लागू हो गया है.

दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने तीस्ता और फेनी नदियों के जल बंटवारा विषय पर आंतरिक समझौते की प्रणालियों और तौर-तरीकों में हुई प्रगति का भी स्वागत किया. इस समझौते को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया.

दोनों देशों ने जिस बात पर सबसे ज्यादा संतुष्टि जताई है वह वर्ष 1974 के भूमि सीमा समझौते के प्रोटोकॉल का पूरा होना है. इसके पूरा होने के बाद अब दोनों देशों के बीच गैर सीमांकित क्षेत्र, प्रतिकूल अधिकार वाले क्षेत्रों और इलाकों सहित लंबे समय से लंबित पड़े सीमा मुद्दे के निपटारे का रास्ता साफ हो गया.

जमीनी सच्चाइयों पर आधारित इस ऐतिहासिक समझौते के कारण सीमाई क्षेत्रों में मित्रता और तालमेल को बढ़ावा मिलेगा और द्विपक्षीय सहयोग के लिए हितकर वातावरण तैयार होगा.

विदित हो कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की यह पहली बांग्लादेश यात्रा है. भारत के प्रधानमंत्री की यह द्विपक्षीय यात्रा 12 वर्षों के अंतराल पर हो रही है. इसके पहले वर्ष 1999 में अटल बिहारी वाचपेयी ने बांग्लादेश की राजकीय यात्रा की थी.

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