रेलगाड़ियों की वास्तविक स्थिति का पता लगाने हेतु उपग्रह आधारित ट्रेकिंग प्रणाली

रेल यातायात को सुचारू रूप से चलाने और उनकी वास्तविक स्थिति जानने हेतु उपग्रह आधारित ट्रेकिंग प्रणाली का विकास भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर (Indian Institute of Technology, Kanpur) और रिसर्च डिजाईन एवं स्टैंडर्ड ओर्गेनैजेशन (RDSO: Research Design and Standards Organisation) द्वारा किया गया. आइआइटी-कानपुर और आरडीएसओ ने संयुक्त रूप से ..... करेंट अफेयर्स 2011

Created On: Mar 28, 2011 14:26 ISTModified On: Mar 28, 2011 14:26 IST

रेल यातायात को सुचारू रूप से चलाने और उनकी वास्तविक स्थिति जानने हेतु उपग्रह आधारित ट्रेकिंग प्रणाली का विकास भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर (Indian Institute of Technology, Kanpur) और रिसर्च डिजाईन एवं स्टैंडर्ड ओर्गेनैजेशन (RDSO: Research Design and Standards Organisation) द्वारा किया गया.

 

आइआइटी-कानपुर और आरडीएसओ ने संयुक्त रूप से 110 करोड़ की लागत से रियल टाइम ट्रेन इंफॉर्मेशन सिस्टम (RTIS) का विकास किया. रियल टाइम ट्रेन इंफॉर्मेशन सिस्टम में ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम और ग्लोबल सिस्टम मोबाइल कम्यूनिकेशन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. इस प्रणाली से लोगों को इंटरनेट, एसएमएस, कॉल सेंटर और रेलवे स्टेशन पर लगे सूचना बोर्ड के साथ-साथ रेल यात्रियों को भी कोच के भीतर ही डिस्प्ले बोर्ड पर ट्रेन की वास्तविक सूचना दी जा सकती है.


ज्ञातव्य हो कि वर्तमान में स्टेशन मास्टर को स्टेशन से गुजरने वाली प्रत्येक रेलगाड़ी की सूचना फोन के द्वारा रेल प्रखंड मुख्यालय को देनी पड़ती है. रेल मंत्रालय की योजना के अनुसार 8000 रेलगाडि़यों और 8177 स्टेशनों को रियल टाइम ट्रेन इंफॉर्मेशन सिस्टम से जोड़ कर हस्तचालित रिकार्डिंग प्रणाली को समाप्त करना है. रेलवे की योजना के तहत सभी रेलगाडि़यों और स्टेशनों पर ऐसे उपकरण लगाया जाना है, जिसकी सहायता से रेलों की वास्तविक जानकारी उपलब्ध कराई जा सके.

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