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लोकसभा चुनाव 2019: 542 सीटों के लिये मतगणना आरंभ

चुनाव आयोग ने चुनाव परिणाम एवं मतगणना के रुझान की ताजा जानकारी के लिये ऑनलाइन सिस्टम भी तैयार किया है. इसके जरिये मतदाता आयोग की वेबसाइट, मोबइल एप एवं हेल्पलाइन के जरिये मतगणना के रुझान और चुनाव परिणाम से अवगत हो सकेंगे.

May 23, 2019 08:00 IST

लोकसभा चुनाव-2019 के लिए 542 संसदीय सीटों पर हुए सात दौर के मतदान के बाद 23 मई 2019 को सुबह 08:00 बजे मतगणना आरंभ हो गयी. चुनाव मैदान में मतगणना के आधार पर 8,000 से अधिक प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला होगा.

चुनाव आयोग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मतदान वाली सभी लोकसभा सीटों के लिये बनाये गये मतगणना केन्द्रों पर मतों की गिनती का काम शुरु हो गया. मतदान में सात चरण की मतदान प्रक्रिया संपन्न होने के बाद प्रयुक्त ईवीएम और वीवीपीएटी मशीनों को मतदान केन्द्रों से मतगणना स्थलों तक पहले ही सुरक्षित पहुंचाया जा चुका था.

चुनाव आयोग ने चुनाव परिणाम एवं मतगणना के रुझान की ताजा जानकारी के लिये ऑनलाइन सिस्टम भी तैयार किया है. इसके जरिये मतदाता आयोग की वेबसाइट, मोबइल एप एवं हेल्पलाइन के जरिये मतगणना के रुझान और चुनाव परिणाम से अवगत हो सकेंगे.

चुनाव मैदान में किस्मत आजमा रहे प्रमुख नेताओं में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अतिरिक्त विभिन्न केंद्रीय मंत्री, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव सहित विभिन्न दलों के प्रमुख नेता शामिल हैं.

4000 से अधिक मतगणना केन्द्र:

चुनाव आयोग ने देश में 4000 से अधिक मतगणना केन्द्र बनाये हैं. मतगणना केन्द्रों से प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र के निर्वाचन अधिकारी ऑनलाइन सिस्टम के जरिये मतगणना के रुझानों को अपडेट करेंगे. चुनाव आयोग ने इस बीच चुनाव परिणाम घोषित होने में देर होने की आशंका से बचने हेतु इस बार डाक मतपत्रों और ईवीएम के मतों की गिनती एक साथ कराने का फैसला किया है.

क्या है वीवीपीएटी?

वोटर वैरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) एक मतदाता मत प्रणाली का उपयोग करते हुए मतदाताओं को फीडबैक देने का एक तरीका है. एक वीवीएपीएटी मतदान मशीनों के लिए एक स्वतंत्र सत्यापन प्रणाली के रूप में लक्षित है, जिससे मतदाताओं को यह सत्यापित करने हेतु अनुमति दी जाती है कि उनका वोट सही ढंग से डाला गया, संभावित चुनाव धोखाधड़ी या खराबी का पता लगा सके, और संग्रहीत इलेक्ट्रॉनिक परिणामों का ऑडिट करने के लिए साधन प्रदान कर सके.

वीवीएपीएटी से भरा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) 2017 विधानसभा चुनावों में संपूर्ण गोवा राज्य में इस्तेमाल किया गया था. वीवीपीएटी प्रणाली जो इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों को ईवीएम स्लिप पैदा करके प्रत्येक वोट कास्ट दर्ज करने में सक्षम बनाती है.

मताधिकार का प्रयोग:

इस चुनाव में पंजीकृत 90.99 करोड़ मतदाताओं में से करीब 67.11 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है. भारतीय संसदीय चुनाव में यह अब तक का सबसे अधिक मतदान है.

पहली बार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन:

लोकसभा चुनाव में पहली बार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के परिणामों का मिलान पेपर ट्रेल मशीनों से निकलने वाली पर्चियों से किया जाएगा. यह मिलान प्रति विधानसभा क्षेत्र में पांच मतदान केंद्रों में होगा.

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