विश्व में पहली बार फ़्रांस के चिकित्सकों ने कृत्रिम हृदय का सफलतापूर्वक प्रत्यारोपण किया

विश्व में पहली बार फ़्रांस के चिकित्सकों ने मनुष्य में कृत्रिम हृदय का सफलतापूर्वक प्रत्यारोपण किया.

Created On: Dec 23, 2013 15:01 ISTModified On: Dec 23, 2013 15:10 IST

विश्व में पहली बार फ़्रांस के चिकित्सकों ने मनुष्य में कृत्रिम हृदय का सफलतापूर्वक प्रत्यारोपण किया. इस कृत्रिम हृदय की आयु पांच वर्ष है. चिकित्सकों ने यह प्रत्यारोपण एक 75 वर्षीय पुरुष को पेरिस के जार्जेस पॉपिदू अस्पताल में 18 दिसंबर 2013 को किया लेकिन इसकी घोषणा 21 दिसंबर 2013 को की गई.

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कृत्रिम हृदय की विशेषताएं
• कृत्रिम हृदय मरीज के शरीर के बाहरी हिस्से में बंधी लीथियम आयन बैटरी से संचालित होती है.
• पूरी तरह से मनुष्य के दिल की तरह काम करने के लिए इस कृत्रिम हृदय को पशुओं के ऊतकों से बनाया गया.
• इस कृत्रिम हृदय में प्लास्टिक सहित अन्य सिंथेटिक तत्वों का प्रयोग नहीं किया गया. इससे  हृदय में थक्का जमने की आशंका कम हो जाती है.
• पहले बने कृत्रिम हृदय में प्लास्टिक जैसे सिंथेटिक के इस्तेमाल के कारण ब्लड क्लाटिंग की शिकायत आम रहती थी.
• यंत्र असली दिल की तरह कम से कम पांच वर्ष तक काम करेगा.
• इस कृत्रिम हृदय में असली दिल की तरह धड़कन भी होगी और यह सेंसर के द्वारा खून के प्रवाह को नियमित भी रखेगा.
• इस कृत्रिम हृदय का वजन एक किलोग्राम से थोड़ा कम है जो कि मनुष्य के दिल से करीब तीन गुना अधिक है.
• एक स्वस्थ व्यस्क के हृदय का वजन आम तौर पर 250 से 350 ग्राम के बीच होता है.
• इस कृत्रिम हृदय डिजाइन बायोमेडिकल फर्म कारमैट ने तैयार किया.
• इस कृत्रिम हृदय को डच स्थित यूरोपियन एयरोनाटिक डिफेंस एंड स्पेस कंपनी ने विकसित किया.
 
विदित हो कि फ्रांस के चिकित्सकों ने वर्ष 2005 में विश्व में चेहरे का पहला प्रत्यारोपण किया था.

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