शहरी सहकारी बैंकों के लिए आरबीआई ने आर गांधी की अध्यक्षता में उच्चाधिकार समिति का गठन किया

30 जनवरी 2015 को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शहरी सहकरी बैंकिंग (यूसीबी) क्षेत्र के लिए व्यापार, आकार, रूपांतरण और लाइसेंस देने की शर्तों की फिर से जांच और उचित सिफारिशों हेतु आर गांधी की अध्यक्षता में उच्चाधिकार समिति का गठन किया.

Created On: Feb 2, 2015 06:05 ISTModified On: Feb 3, 2015 18:47 IST

30 जनवरी 2015 को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शहरी सहकरी बैंकिंग (यूसीबी) क्षेत्र के लिए व्यापार, आकार, रूपांतरण और लाइसेंस देने की शर्तों की फिर से जांच और उचित सिफारिशों हेतु आर गांधी की अध्यक्षता में उच्चाधिकार समिति का गठन किया.
आठ सदस्यी इस समिति के अध्यक्ष भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर आर गांधी होंगे. समिति अपनी पहली बैठक की तारीख से तीन महीनों के भीतर रिपोर्ट सौंपेगी.
उच्चाधिकार समिति के सदस्य होंगे
•आर गांधी
•एम ए नार्मावाला
•एमवी तंकसाले
•डॉ. एमएल अभ्यंकर
•एसके बनर्जी
•डी कृष्णा
•जोसेफ राज
उच्चाधिकार प्राप्त समिति के विचारार्थ
• शहरी सरकारी बैंकों को शुरु करने के लिए दिए जाने वाले बिजनेस लाइन्स की अनुमति और व्यापार, पूंजी जरूरतों, नियामक व्यवस्था और अन्य बातों में उनके लिए बेंचमार्क की जांच.
•समिति मौजूदा नियामक रूपरेखा के तहत उन सीमित कानूनी शक्तियों और संकल्पों के विकल्पों की जांच करेगा जो बिना किसी जोखिम के एक यूसीबी किस वास्तविक आकार तक बढ़ने में सक्षम हो सकता है.
•एक यूसीबी द्वारा स्वैच्छित रूपांतरण की अनुमति देने के लिए मापदंड (कानूनी रूपरेखा) और यूसीबी का ज्वाइंट स्टॉक बैंक में अनिवार्य रूपांतरण के लिए बेंचमार्क क्या हो, पर सुझाव देना.
•इस बात की जांच कि क्या नए यूसीबी का लाइसेंस देना नए यूसीबी के लाइसेंस देने पर बनी विशेषज्ञ समिति (मालेगम समिति)की सिफारिशों के मुताबिक समय के लिहाज से उपयुक्त है और अगर ऐसा है तो मालेगम समिति की सिफारिशों का पालन करना.
•निवेशकों के बीच उचित प्रबंधन का विश्वास पैदा हुआ है, को सुनिश्चित करना.
•मालेगाम समिति के सुझावों को लागू करने के तरीकों का निर्धारण करने के लिए. वैकल्पिक रूप से एक व्यवहार्य संरचना का प्रस्ताव देना जो बहुमत वोटिंग फंड के योगदानकर्ताओं के हाथों में दे दे.
पृष्ठभूमि
समिति के गठन का फैसला 20 अक्टूबर 2014 को यूसीबी पर बनी स्थायी सलाहकार समिति ( सैक) की सिफारिशों के अनुसार किया गया है.
सैक एक सलाहकार निकाय है जो समय– समय पर आरबीआई द्वारा संचालित किया जाता है. इसके अध्यक्ष सहकारी बैंक नियमन विभाग (डीसीबीआर) के प्रभारी– महानिदेशक होते हैं और इसमें सहकारी क्षेत्र, चुने गए राज्यों के सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार और आईबीए के प्रतिनिधि इसके सदस्य होते हैं.

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