सीसीईए ने बीमा क्षेत्र में 49 फीसदी विदेशी निवेश की अनुमति दी

केंद्रीय मंत्रिमडल ने 24 जुलाई 2014 को बीमा क्षेत्र में 49 फीसदी विदेशी निवेश की अनुमति प्रदान की.

Created On: Jul 29, 2014 14:20 ISTModified On: Jul 29, 2014 14:26 IST

केंद्रीय मंत्रिमडल ने 24 जुलाई 2014 को भारतीय प्रमोटरों के हाथों में प्रबंधन नियंत्रण वाले एफआईपीबी मार्ग के जरिए बीमा कंपनियों में 49 फीसदी विदेशी निवेश की अनुमति दी.
यह फैसला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक में लिया गया. इस फैसले के बाद, बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा 26 फीसदी से 49 फीसदी हो जाएगी.

यहां यह नोट करना महत्वपूर्ण है कि लोकसभा में अपना पहला बजट भाषण देते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि बीमा क्षेत्र निवेश की कमी से जूझ रहा है और इसमें विदेशी निवेश को एफआईपीबी मार्ग के जरिए पूर्णतः भारतीय प्रबंधन एवं नियंत्रण के साथ 49 फीसदी करने की जरूरत है.
इस कदम से बीमा कंपनियों को फायदा हो सकता है जो अब विदेशी भागीदारों से अधिक पूंजी लेने में समर्थ हो जाएंगे.

महत्वपूर्ण तथ्य
प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा को बढ़ाने का प्रस्ताव वर्ष 2008 में दिया गया था जब यूपीए सरकार बीमा संयुक्त उद्यम में विदेशी होल्डिंग को मौजूदा 26 फीसदी से बढ़ाकर 49 फीसदी करने के लिए बीमा कानून (संशोधन) विधेयक लाई थी.

वर्ष 2000 में बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1999 (आईआरडीए एक्ट, 1999) के लागू होने के बाद बीमा क्षेत्र निजी क्षेत्र के लिए खोल दिया गया था.

यह अधिनियम बेहतर बीमा कवरेज और वित्तीय बुनियादी ढांचे के लिए दीर्घकालिक संसाधनों का प्रवाह बढाने के लिए विदेशी हिस्सेदारी को 26 फीसदी करने की इजाजत देता है.
बीमा उद्योग काफी समय से इस क्षेत्र में विस्तार के लिए एफडीआई सीमा को बढ़ाने की मांग कर रहा था.

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