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अंतरराष्ट्रीय पार्सल की बुकिंग हेतु आधार अनिवार्य नहीं: डाक विभाग

Sep 11, 2018 12:53 IST
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डाक विभाग ने 10 सितंबर 2018 को घोषणा की कि अंतरराष्ट्रीय पार्सल की बुकिंग के लिये आधार अनिवार्य नहीं है. हालांकि, यह पहचान का एक वैकल्पिक दस्तावेज हो सकता है.

विभाग ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा कारणों से अंतरराष्ट्रीय पार्सल या अंतरराष्ट्रीय ईएमएस (वस्तु) की बुकिंग जैसे महत्वपूर्ण सौदों के लिये स्वीकार्य पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य है.

भारतीय डाक विभाग ने यह स्पष्ट कर दिया कि अंतरराष्ट्रीय पार्सल और अंतरराष्ट्रीय (EMS) व्यापारिक माल एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजने या विभाग की ऐसी अन्य सेवाओं के लिए आधार कार्ड दिखाना जरूरी नहीं है. सुरक्षाकारणों के लिए उपभोक्ता आधार कार्ड समेत ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, वोटर आईडी कार्ड जैसे पहचान के दस्तावेजों को भी विभाग स्वीकार करेगा.

इन दिनों देश में पहचान के दृष्टिकोण से आम हो रहा आधार कार्ड डाक विभाग में बुकिंग हेतु जरूरी नहीं है. डाक विभाग ने बताया कि इन दस्तावेजों का उपयोग वे ऑफिस रेकॉर्ड के लिए ही करेगा.

                               आधार कार्ड:

आधार कार्ड भारत सरकार द्वारा भारत के नागरिकों को जारी किया जाने वाला पहचान पत्र है. इसमें 12 अंकों की एक विशिष्ट संख्या छपी होती है जिसे भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण जारी करता है. यह संख्या, भारत में कहीं भी, व्यक्ति की पहचान और पते का प्रमाण होगा. आधार कार्ड एक पहचान पत्र मात्र है तथा यह नागरिकता का प्रमाणपत्र नहीं है.

आधार दुनिया की सबसे बड़ी बॉयोमीट्रिक आईडी प्रणाली है. जून 2017 में गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि आधार नेपाल और भूटान यात्रा करने वाले भारतीयों के लिए वैध पहचान दस्तावेज नहीं है. आधार वैश्विक इन्फ्रास्ट्रक्चर पहचान प्रदान करेगा जो कि राशन कार्ड, पासपोर्ट आदि जैसी पहचान आधारित एप्लीकेशन द्वारा भी प्रयोग में लाया जा सकता है.

 

पृष्ठभूमि:

डाक विभाग ने जानकारी दी कि इस मामले में भ्रम की स्थिति तब उत्पन्न हुई जब मुख्य जनरल पोस्टमास्टर कार्यालय (दिल्ली) की ओर से इस संबंध में एक पोस्ट ट्वीट किया गया. दिल्ली सर्किल ने ट्वीट करते हुए जानकारी दी थी कि उसे अंतरराष्ट्रीय दिशानिर्देश के आधार पर ही पहचान संबंधी दस्तावेज चाहिए. विभाग ने इस संबंध में अपने सभी कार्योलयों को इस आदेश की कॉपी भेज दी है.

एक और आधार से संबंधित घटना में, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने जोर देकर कहा था कि स्कूल आधार कार्ड की कमी के कारण छात्रों के एडमिशन से इनकार नहीं कर सकते हैं. प्राधिकरण ने कहा कि इस आधार पर बच्चे को स्कूल देने से इनकार इनवैलिड (अमान्य) माना जाएगा.

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