अफगानिस्तान में तालिबान संकट के मद्देनजर G7 नेताओं ने की आभासी आपात बैठक

अफगानिस्तान की स्थिति पर तत्काल विचार-विमर्श करने और इस युद्धग्रस्त देश में तालिबान संकट की प्रतिक्रिया का समन्वय करने के लिए G7 नेताओं ने इस 24 अगस्त को आभासी तौर पर एक आपातकालीन बैठक आयोजित की है.  

Created On: Aug 25, 2021 17:11 IST
Afghanistan-Taliban crisis: G7 Leaders’ to convene emergency meeting virtually
Afghanistan-Taliban crisis: G7 Leaders’ to convene emergency meeting virtually

G7 नेताओं की एक आपात बैठक 24 अगस्त, 2021 को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन द्वारा आभासी तौर पर आयोजित की गई. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन G7 के वर्तमान अध्यक्ष पद का भी प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. ताकि अफगानिस्तान की स्थिति पर तत्काल विचार-विमर्श किया जा सके और इस युद्धग्रस्त देश में तालिबान संकट की प्रतिक्रिया का समन्वय किया जा सके.  

व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव ने एक बयान में यह कहा था कि, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन भी 24 अगस्त, 2021 को G7 लीडर्स मीट में वर्चुअल रूप से शामिल होंगे. अमेरिकी नागरिकों और अमेरिकी सरकार की सहायता करने वाले अफगानों को निकालने के लिए अमेरिका ने 31 अगस्त, 2021 तक अस्थायी रूप से सैनिकों को तैनात किया है.

G7 नेताओं की आभासी आपात बैठक: अफगानिस्तान पर एजेंडा

• ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने G7 नेताओं की एक आभासी आपात बैठक (वर्चुअल एमरजेंसी मीटिंग) निम्नलिखित के लिए बुलाई थी: 

(i) अफगानिस्तान के मौजूदा संकट पर चर्चा और निकासी के लिए एक कार्य योजना का समन्वय करने के लिए रूपरेखा तैयार करना,

(ii) मानवीय सहायता प्रदान करने और अफगान शरणार्थियों को सहायता प्रदान करने के लिए अफगानिस्तान नीति पर चर्चा करना,

(iii) ऐसे कमजोर अफगानों की रक्षा करना जिन्होंने सदस्य देशों की सरकारों की सहायता की है.

अफगानिस्तान-तालिबान संकट: पृष्ठभूमि

• तालिबानियों ने 15 अगस्त, 2021 को अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर कब्जा कर लिया था. अमेरिकी सेना की वापसी के बाद से, तालिबान ने लगभग 10 दिनों के भीतर अफगानिस्तान के सभी प्रमुख शहरों पर कब्जा कर लिया है. अब तक, तालिबान अफगानिस्तान के कुल 400 जिलों में से लगभग पांचवे हिस्से पर अपना नियंत्रण कायम कर लिया है.
• हजारों अफगान नागरिक काबुल से भागने की लगातार कोशिश कर रहे हैं. 22 अगस्त, 2021 को, दुनिया भर के देशों द्वारा अपने नागरिकों की निकासी के निरंतर प्रयासों के बीच, तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने यह बताया कि, तालिबान जल्दी ही अफगानिस्तान में एक नई सरकार की घोषणा करेगा. 
• तालिबान एक कट्टर इस्लामी समूह है जो 1990 के दशक में अस्तित्व में आया था. इस समूह में 55,000 से 85,000 पूर्णकालिक लड़ाके शामिल हैं. यह समूह मुख्य रूप से पश्तूनों से बना है, जो अफगानिस्तान में सबसे बड़ा जातीय समूह है.

G7 नेता: पृष्ठभूमि

• G7 समूह, जिसे सात के समूह के रूप में भी जाना जाता है, एक ऐसा अंतर्राष्ट्रीय-सरकारी मंच है जिसमें यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली और जापान के नेता शामिल हैं.
• वर्ष, 2021 के लिए G7 की अध्यक्षता यूनाइटेड किंगडम (UK) के पास है. इस G7 समूह के सभी सदस्य देश बारी-बारी से एक साल के लिए इस समूह की अध्यक्षता करते है.

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