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12वां सांख्यिकी दिवस 29 जून को मनाया गया

सांख्यिकी दिवस भारत में प्रत्येक वर्ष 29 जून को मनाया जाता है. यह महत्त्वपूर्ण प्रसिद्ध भारतीय वैज्ञानिक एवं सांख्यिकीविद पी. सी. महालनोबिस के आर्थिक योजना और सांख्‍यि‍की विकास के क्षेत्र में उल्‍लेखनीय योगदान के सम्‍मान में मनाया जाता है.

यह दिवस राष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाता है. सांख्यिकी दिवस देशभर में सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय, राज्य सरकार, भारतीय सांख्यिकीय संस्थान, विश्वविद्यालय/विभाग आदि में सम्मेलन, वाद-विवाद, क्विज कार्यक्रम, निबंधन प्रतियोगिता आदि के माध्यम से मनाया जाता है.

                                                                           थीम और उद्देश्य

सांख्यिकी दिवस की इस वर्ष की थीम ‘आधिकारिक सांख्यिकी में गुणवत्‍तापूर्ण आश्वासन’ है.

इस थीम का चयन सांख्यिकी प्रणालियों एवं उत्‍पादों में गुणवत्‍ता के अनिवार्य मानकों के अनुपालन के महत्‍व को रेखांकित करने के लिए किया गया है.

प्रत्येक वर्ष गंभीर चर्चा हेतु राष्ट्रीय महत्व की समसामयिक थीम का चयन किया जाता है और वर्षभर उस चयनित क्षेत्र में सुधार करने के लिए प्रयास किये जाते हैं.

उद्देश्य: इस दिवस का उद्देश्य सामाजिक आर्थिक नियोजन और नीति निर्माण में पी. सी. महालनोबिस के योगदान के प्रति युवाओं के बीच जागरूकता पैदा करना और उन्हें प्रेरित करना है.

 

मुख्य तथ्य:

  • प्रशासनिक सांख्यिकी प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता है. क्योंकि यह लागत और समय कुशल है, सैंपल सर्वेक्षण और जनगणना पर निर्भरता को कम करती है.
  • सरकार के सभी स्तरों केंद, राज्य और स्थानीय निकाय पर प्रशासनिक आंकडे उपलब्ध हैं. विभिन्न स्तरों पर इन आंकडों के समुचित संकलन से आंकड़ों का नियमित मासिक और अल्प‍कालीन अवधि प्रवाह सुनिश्चित हो जाएगा.
  • इससे सुशासन सुदृढ़ होगा. इस तरह से चयनित थीम अत्यंत महत्व पूर्ण है. यह सांख्यिकी और आर्थिक निदेशालय और कार्यक्रम कार्यान्वयन एवं सांख्यिकी मंत्रालय का केंद्र बिंदु क्षेत्र बना हुआ है.
  • भारत सरकार ने दिवंगत प्रोफेसर प्रशांत चंद्र महालनोबिस के सांख्यिकी, सांख्यिकी प्रणाली और आर्थिक नियोजन के क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए प्रोफेसर महालनोबिस के जन्म दिवस 29 जून को प्रतिवर्ष ‘सांख्यिकी दिवस’ के रूप में मनाये जाने हेतु निर्दिष्ट किया.

स्‍मारक सिक्‍का:

इस अवसर पर, उपराष्‍ट्रपति एम वेंकैया नायडु ने प्रोफेसर पी सी महालानोबिस के सम्‍मान में 125 रुपये का एक स्‍मारक सिक्‍का तथा पांच रुपये का एक वितरण सिक्‍का भी जारी करेंगे. प्रो. पी वी सुखात्‍मे पुरस्‍कार 2018 एवं प्रो. सी आर राव पुरस्‍कार 2017 के विजेताओं को भी सांख्यिकी के क्षेत्र में उनके उल्‍लेखनीय योगदान के लिए सम्‍मानित किया जाएगा.

 

पृष्ठभूमि:

कोलकाता में भारतीय सांख्यिकी संस्‍थान (आईएसआई) की स्‍थापना 1931 में प्रोफेसर पी सी महालानोबिस द्वारा की गई थी और उसे वर्ष 1959 में संसद द्वारा पारित एक अधिनियम के द्वारा एक स्‍वायत्‍तशासी ‘ राष्‍ट्रीय महत्‍व के संस्‍थान’ घोषित किया गया. आईएसआई 29 जून को ‘ श्रमिक दिवस’ मनाता है.

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्‍वयन मंत्रालय तथा आईएसआई 29 जून 2018 को कोलकाता में संयुक्‍त रूप से ‘सांख्यिकी दिवस’ एवं प्रोफेसर पी सी महालानोबिस की 125वीं जयंती का समापन समारोह का आयोजन कर रहे हैं.

यह भी पढ़ें: नशीली दवाओं के सेवन और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाया गया

 
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