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विश्व में तीन करोड़ बच्चे मौत के कगार पर: यूनिसेफ रिपोर्ट

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और संयुक्त राष्ट्र बाल निधि (यूनिसेफ) सहित वैश्विक गठबंधन की एक नई रिपोर्ट के अनुसार समयपूर्व पैदा हुए लगभग तीन करोड़ बच्चे मौत की कगार पर हैं. इन बच्चों को जीवित रखने के लिए विशेष देखभाल की आवश्यकता है.

यह रिपोर्ट ‘जीवित रहें और बढ़ें: हर छोटे एवं बीमार नवजात शिशु देखभाल में सुधार’ नाम से प्रकाशित की गई है. समय से पूर्व पैदा होने वाले बच्चों में कई प्रकार की समस्याएं देखने को मिलती हैं. इनमें ज्यादातर समस्याएं प्रसव के दौरान बच्चों की देखभाल करने की होती है.

यूनिसेफ के उप कार्यकारी निदेशक उमर अब्दी ने कहा, ‘जब बच्चों और उनकी मां की बात आती है तो सही जगह पर सही समय पर सही देखभाल ही फर्क ला सकता है. लाखों छोटे एवं बीमार बच्चे और महिलाएं प्रत्येक वर्ष मर रही हैं क्योंकि उन्हें गुणवत्तापूर्ण देखभाल की सुविधा नहीं मिलती है जो उनका अधिकार है और यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है.’

 

यूनिसेफ रिपोर्ट का सुझाव

  • यूनिसेफ द्वारा जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि नवजात शिशुओं को सही गुणवत्ता की देखभाल मिले तो प्रत्येक वर्ष लगभग 1.7 मिलियन शिशुओं को बचाया जा सकता है.
  • यूनिसेफ का मानना है कि यदि नवजात बच्चों को उचित देखभाल मिले तो 2030 तक 68% बच्चों को मृत्यु से बचाया जा सकता है.   
  • यदि मां और बच्चे को जन्म लेने वाले स्थल पर ही सही देखभाल दी जा सके तो 81 देशों में 2.9 मिलियन महिलाओं की जान बचाई जा सकती है.

 



रिपोर्ट के प्रमुख तथ्य



•    समय से पूर्व जन्म लेने वाले बच्चों में मस्तिष्क की समस्या रहती है, गंभीर जीवाणु संक्रमण या पीलिया जैसे गंभीर बीमारी के कारण मौत तथा अक्षमता का खतरा रहता है.

•    इसके अलावा उनके परिवारों पर वित्तीय और मनोवैज्ञानिक दबाव उनके ज्ञान, भाषा और भावनात्मक विकास को प्रभावित कर सकता है.

•    समय से पूर्व जन्म लेने वाले जो बच्चे जरुरत से ज्यादा पतले या वजन में कम होते हैं उनमें मृत्यु या विकलांगता का खतरा अधिक रहता है.

•    वर्ष 2017 में लगभग 2.5 मिलियन नवजात शिशु जन्म लेने के 28 दिनों में ही मृत्यु को प्राप्त हो गये.

•    इन 2.5 मिलियन बच्चों में से 80% बच्चे कम वजन के थे जबकि दो तिहाई बच्चे जन्म से पहले पैदा हुए.

•    इसके अतिरिक्त प्रत्येक वर्ष एक मिलियन बच्चे आकार में सामान्य की तुलना में छोटे और बीमार पैदा होते हैं जिनमें लंबे समय तक विकलांगता, सेरेब्रल पाल्सी जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं.


यूनिसेफ (UNICEF) के बारे में जानकारी

•    यूनिसेफ की स्थापना संयुक्त राष्ट्र की महासभा द्वारा 11 दिसम्बर 1946 को हुई थी, जिसका मुख्यालय न्यूयॉर्क में स्थित है.

•    यूनिसेफ का पूरा नाम यूनाइटेड नेशन्स चिल्ड्रन फंड है जिसकी पूरी दुनिया में कई ब्रांच हैं.

•    वर्ष 1953 तक यूनिसेफ का पूरा नाम United Nations International Children’s Emergency Fund था. इसकी स्थापना पूरे विश्व में मौजूद बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और कल्याण के लिए की गई थी.

•    यूनिसेफ विश्वभर में मौजूद स्वास्थ्य सेवा संस्थानों खासकर विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ मिलकर बच्चों को पानी, स्वच्छता, इंफेक्शंस से बचाने के कैंपैन चलाती हैं.

 

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