दिल्ली BJP अध्यक्ष पद से हटाए गए मनोज तिवारी, आदेश कुमार गुप्ता को मिली जिम्मेदारी

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 02 जून 2020 को कई राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति की. दिल्ली बीजेपी में 02 जून 2020 को बड़ा बदलाव करते हुए पार्टी की ओर से मनोज तिवारी को प्रदेश अध्यक्ष पद हटा दिया गया है. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मनोज तिवारी की जगह आदेश कुमार गुप्ता को दिल्ली बीजेपी की कमान सौंपी है.

भारतीय जनता पार्टी ने छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी विष्णुदेव साय को सौंपी है. वहीं एस टिकेंद्र सिंह को मणिपुर का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है. मनोज तिवारी को साल 2016 में दिल्ली भाजपा अध्यक्ष नियुक्त किया गया था. बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह की तरफ से जारी नियुक्ति पत्र में कहा गया है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के आदेश पर मनोज तिवारी की जगह आदेश गुप्ता को दिल्ली का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया है. यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू हो चुका है

मनोज तिवारी ने दी बधाई

मनोज तिवारी ने ट्वीट कर नए प्रदेश अध्यक्ष आदेश कुमार गुप्ता को बधाई दी है. उन्होंने कहा कि दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर 3.6 साल के कार्यकाल में जो प्यार और सहयोग मिला उसके लिये सभी कार्यकर्ता, पदाधिकारी और दिल्ली वासियों का सदैव आभारी रहूंगा.

आदेश कुमार गुप्ता कौन हैं?

• आदेश कुमार गुप्ता दिल्ली की जमीनी राजनीति से जुड़े हुए नेता के तौर पर जाने जाते हैं. आदेश गुप्ता के पास पार्षद और नॉर्थ दिल्ली के मेयर का तजुर्बा है. यानी दिल्ली की सियासत में उनका तजुर्बा काफी नीचे तक है.

• आदेश गुप्ता मूल रूप से उत्तर प्रदेश (यूपी) के रहने वाले हैं. वे कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद दिल्ली आ गए थे. उन्होंने यहां शुरुआती दिनों में ट्यूटशन पढ़ाकर अपना गुजारा किया.

• आदेश गुप्ता NDMC स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य भी रहे हैं. भारतीय जनता युवा मोर्चा और भाजपा में कई पद पर रह चुके हैं. उन्होंने चुनावी राजनीति की शुरुआत महज तीन साल पहले की है.

• साल 2017 में वेस्ट पटेल नगर से पहली बार नगर निगम का चुनाव जीतकर पार्षद बने. उन्हें साल 2018 में उत्तरी दिल्ली नगर निगम का महापौर बनाया गया. इन्हें विधानसभा चुनाव के पहले दिल्ली में बंगाली समाज को पार्टी के साथ जोड़ने की जिम्मेदारी दी गई थी.

• उन्होंने छत्रपति साहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर से बीएससी की शिक्षा प्राप्त की है. वे पहली बार वार्ड नंबर 98 (वेस्ट पटेल नगर) से पार्षद बने थे.

पृष्ठभूमि

दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में आम आदमी पार्टी को 62 सीटें मिली थीं. वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) सिर्फ 8 सीटों पर सिमटकर रह गई थी. दूसरी तरफ कांग्रेस का एक बार फिर सूपड़ा साफ हो गया था और वे कोई भी सीट नहीं जीत सकी थी.

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