एएम नाइक राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के अध्यक्ष नियुक्त

केंद्र सरकार ने अनिल मणिभाई नाइक (एएम नाइक) को राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) का अध्यक्ष नियुक्त किया है. इस समय नाइक भारत के सबसे बड़े इंजीनियरिंग और निर्माण की सबसे बड़ी कंपनी – लार्सन और टूब्रो लिमिटेड (एलएंडटी) के समूह अध्यक्ष हैं.

उनके पास इन्फ्रास्ट्रक्चर, इंजीनियरिंग व निर्माण क्षेत्र में 50 साल से अधिक का अनुभव है. एनएसडीसी के अध्यक्ष के रूप में नाइक की नियुक्ति कौशल विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिए गए महत्व को रेखांकित करती है. जैसा कि प्रधानमंत्री बार-बार जोड़ देकर कहते हैं कि कौशल गरीबों में आत्मविश्वास की भावना लाता है.

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस तथा कौशल विकास एवं उद्यमशिलता मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि नाइक के पास सफल लीडर के सभी गुण हैं जो आज अर्थव्यवस्था में विकास के लिए बहुत जरूरी हैं.

एएम नाइक के बारे में:

  • एएम नाइक का जन्म 09 जून 1942 को गुजरात में हुआ था.
  • उन्हें देश के सबसे सम्मानित प्रबंधन पेशेवरों में से एक माना जाता है. उनके वर्षों के सफल प्रंबधन के परिणामस्वरूप एलएंडटी दुनिया के सबसे मजबूत व्यवसायों में से एक बन गया है.
  • उनके नेतृत्व में एलएंडटी सशक्त ग्लोबल कंपनियों की सूची में शामिल हुई है.
  • नाइक को देश के आर्थिक विकास में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए वर्ष 2009 में देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मभूषण से सम्मानित किया जा चुका है.

राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी):

राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) भारत की ऐसी पहली और एकमात्र संस्था है जिसका मूल उद्देश्य कौशल विकास है और जो निजी तथा सरकारी साझेदारी में काम करने वाली इकाई है. एनएसडीसी का मकसद कौशल विकास को बढ़ावा देना है.

राष्ट्रीय कौशल विकास निगम द्वारा कौशल विकास के लिए किये जा रहे प्रयासों का एक बड़ा हिस्सा इस बात के लिए समर्पित है की असंगठित क्षेत्रों को इन प्रयत्नों का पूरा लाभ मिले. भारत के केंद्रीय वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण (2008-09) में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) के गठन की घोषणा की थी.

राष्ट्रीय कौशल विकास निगम यह वित्त प्रदान कर उनके लिए उत्प्रेरक का कार्य करती है. निजी तथा सरकारी साझेदारी का एक मॉडल भी तैयार करने में एनएसडीसी की बड़ी भूमिका है जिससे निजी इकाईयों को राष्ट्रीय कौशल विकास निगम द्वारा समर्थन देने तथा उनके साथ समन्वय बिठाने में मदद मिलेगी.

राष्ट्रीय कौशल विकास निगम 21 भिन्न-भिन्न क्षेत्रों पर एकाकी रूप से ध्यान केन्द्रित करती है जिससे प्रत्येक सेक्टर की क्षमता को समझने तथा उसमे निजी निवेश को आकर्षित करने में मदद मिलेगी. निदेशल मंडल में 12 सदस्य शामिल होते हैं जिनमे से 4 सरकार द्वारा मनोनीत किये जाते हैं तथा बाकी 8 निजी क्षेत्र से आते हैं जिनमे चेयरमैन का पद भी शामिल है.

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