आन्ध्र प्रदेश ने नये राजकीय प्रतीकों की घोषणा की

आंध्र प्रदेश के विभाजन के चार वर्ष बाद 30 मई 2018 को आंध्र प्रदेश के पर्यावरण, वन, विज्ञान एवं तकनीक विभाग द्वारा राज्य के नये राजकीय चिन्हों की घोषणा की गई.

इसमें आंध्र प्रदेश के राजकीय पक्षी एवं राजकीय पशु के नाम घोषित किये गये हैं. सरकारी घोषणा के अनुसार राजकीय चिन्हों में विभाजन के उपरांत यह बदलाव किया जाना आवश्यक था क्योंकि इससे राज्य की पृथक पहचान सुनिश्चित हो सकती है.

गौरतलब है कि वर्ष 2014 में आंध्र प्रदेश को दो भागों (आंध्र प्रदेश और तेलंगाना) में बांटा गया था. विभाजन के उपरांत तेलंगाना में चले गये आंध्र प्रदेश के कुछ भाग से आंध्र प्रदेश की पारिस्थितिकी भी दो भागों में विभाजित हुई जिसके चलते नये राजकीय चिन्ह जारी करना आवश्यक था.

आंध्र प्रदेश के राजकीय प्रतीक

राजकीय पक्षी: रामा चिलुका (Psittacula Krameri)

राजकीय वृक्ष: नीम (Azadirachta indica) स्थानीय भाषा में वेपा चेट्टू

राजकीय पशु: कृष्णा जिंका (Antilope cervicapra) अथवा ब्लैक बक.

राजकीय फूल: चमेली (jasminnum officinale).

तेलंगाना के राजकीय प्रतीक

राजकीय पक्षी: पलापित्ता अथवा इंडियन रोलर (coracias benghalensis). यह ओडिशा और कर्नाटक का भी राजकीय पक्षी है.

राजकीय वृक्ष: जम्मी चेट्टू (prosopis cineraria)

राजकीय पशु : जिंका अथवा स्पॉटेड हिरन.

राजकीय फूल: तंगीडी पुव्वु (senna auriculata).  इसे राज्य के प्रसिद्ध त्यौहार बठुकम्मा में प्रयोग किया जाता है.  

वर्ष 1985 में इंडियन बोर्ड फॉर वाइल्ड लाइफ ने भारत के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से अपना राजकीय पक्षी, पशु, वृक्ष और पुष्प चिन्हित करते हुए उन्हें अधिघोषित करने के लिए कहा था.

 

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