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अंटार्कटिका की बर्फ तीन गुना तेजी से पिघल रही है: अध्ययन

हाल ही में किये गये अध्ययन के अनुसार अंटार्कटिका की बर्फ पिछले वर्षों की तुलना में अब तीन गुना तेजी से पिघल रही है. वैज्ञानिकों के दल द्वारा किये गये अध्ययन के अनुसार पिछले 26 वर्षों में यह बदलाव काफी तेजी से घटित हुआ है. यह अध्ययन हाल ही में नेचर पत्रिका में प्रकाशित हुआ.

विशेषज्ञों के एक अंतरराष्ट्रीय दल ने नए अध्ययन में कहा है कि सदी की पिछली तिमाही में अंटार्कटिका के दक्षिणी छोर में पानी में इतनी ज्यादा बर्फ पिघल चुकी है कि टेक्सास में करीब 13 फीट तक जमीन डूब गई है.

अध्ययन के मुख्य बिंदु

•    पिछले 26 वर्षों में अंटार्कटिका की 3000 अरब टन (3 ट्रिलियन टन) बर्फ पिघलकर समुद्र में मिल चुकी है.

•    इसके चलते समुद्र का वाटर लेवल भयानक स्तर पर बढ़ गया है.

•    यह पानी अरबों स्वीमिंग पूल भर सकता है. इतना पानी पानी अमेरिका के टेक्सास राज्य को 13 फीट की गहराई तक डुबा सकता है.

•    दक्षिणी छोर में बर्फ की यह चादर जलवायु परिवर्तन की मुख्य संकेतक है.

•    अध्ययन के अनुसार वर्ष 1992 से 2011 तक अंटार्कटिका में एक साल में करीब 84 बिलियन टन बर्फ पिघली.

•    वर्ष 2012  से 2017  तक बर्फ पिघलने की दर प्रति वर्ष 241 बिलियन टन से भी ज्यादा हो गई.

•    यूनिवर्सिटी ऑफ वॉशिंगटन के को-ऑथर इयान जॉघिन ने आगाह करते हुए कहा कि पश्चिम अंटार्कटिका का वह हिस्सा ढहने की स्थिति में है. इसी हिस्से में सबसे ज्यादा बर्फ पिघली है.

 

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