असम बजट 2019-20: हर दुल्हन को 1 तोला सोना, 1 रु. किग्रा चावल और अन्य घोषणाएं

असम के वित्त मंत्री हेमंत बिस्वा सरमा ने 06 फरवरी 2019 को विधानसभा में वित्त वर्ष 2019-20  का बजट पेश किया. इस बजट में प्रदेश के गरीब लोगों तथा नागरिकों के लिए कई लोक लुभावन घोषणाएं की गईं.

असम बजट 2019-20 में की गई विभिन्न घोषणाओं में गरीबों को एक रुपये किलो चावल और दुल्हनों को एक तोला सोना प्रदान करने की घोषणाएं प्रमुख रूप से शामिल हैं. असम बजट-2019 में रखे गये विभिन्न प्रस्ताव एवं की गई घोषणाएं निम्नलिखित हैं:

असम बजट 2019-20 की प्रमुख घोषणाएं

•    वित्त मंत्री ने 1,193 करोड़ रुपए के घाटे का बजट पेश करते हुए किसी नए कर का प्रस्ताव नहीं किया है.

•    वित्त मंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश में सभी समुदायों की दुल्हनों को एक तोला (11.66 ग्राम) सोना, जिसकी लागत आज 38,000 रुपये है, शादी के अवसर पर मुफ्त में प्रदान किया जायेगा.

•    बजट में सस्ती पोषण व आहार सहायता योजना (एएनएनए) की घोषणा की गई है जिसके तहत सरकार ने 53 लाख लाभार्थी परिवारों को खाद्य सुरक्षा के तहत तीन रुपये के बदले एक रुपये प्रति किलो चावल मुहैया करवाने का फैसला लिया गया है.

•    वित्त मंत्री ने घोषणा की कि 2019-20 में पचास हजार युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा।

•    अब सरकार स्नातक डिग्री स्तर (कला, विज्ञान, वाणिज्य) के विद्यार्थियों को मुफ्त में पाठ्यपुस्तक मुहैया करवाएगी जोकि वर्तमान में 12वीं तक के छात्रों को प्रदान की जाती है.

•    सरकारी कॉलेजों व विश्वविद्यालयों के छात्रावासों में रहने वाले प्रत्येक छात्र को उनकी आर्थिक स्थिति पर विचार किए बगैर उनके मेस बिल में वर्ष में 10 महीने तक हर महीने 700 रुपये का अनुदान प्रदान किया जाएगा.

•    इसके अलावा, सरकार ने चाय बगान क्षेत्र के चार लाख परिवारों को मुफ्त में चावल प्रदान करने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि चाय बगान श्रमिकों के परिवारों को दो रुपये किलो चीनी दी जाएगी.

•    वित्त मंत्री हेमंत बिस्वा सरमा ने बजट में एक नई योजना शुरू करने की घोषणा की जिसके तहत 45 साल तक की महिला के पति के निधन होने पर उसे तत्काल परिवार सहायता के रूप में 25,000 रुपये प्रदान किए जाएंगे. इसके अलावा उसे 60 वर्ष की आयु तक प्रति माह 250 रुपये की पेंशन दी जाएगी. साठ साल के बाद उसे वृद्धावस्था पेंशन का लाभ मिलेगा.

•    अल्पसंख्यक समुदायों की लड़कियों को उच्च शिक्षा के लिए वजीफा देने के लिए 200 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. साथ ही असमिया मूल के मुस्लिमों के लिए एक विकास निगम बनाया जाएगा जो इनके विकास के विभिन्न कार्यक्रमों को देखेगा.

•       बजट में प्रस्ताव रखा गया है कि वर्ष 2019-20 में पचास हजार युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा.

 



असम बजट 2019-20 में जीएसटी सम्बंधित घोषणाएं

असम के वित्त मंत्री हेमंत बिस्वा सरमा के अनुसार असम जैसे विशेष श्रेणी वाले राज्यों में 10 लाख रुपये तक के कारोबार वाली कंपनियों के लिए माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत पंजीकरण कराना जरूरी है. लेकिन, छोटे कारोबार और उनके छोटे आधार को देखते जुए सरकार ने जीएसटी के तहत पंजीकरण की सीमा को बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया है. जीएसटी परिषद की मंजूरी के बाद इसे एक फरवरी से लागू किया गया है. वित्त मंत्री ने सामान के आपूर्तिकर्ताओं के लिए जीएसटी के तहत पंजीकरण की सीमा को बढ़ाकर 40 लाख रुपये कर दिया है. हालांकि, सेवा आपूर्तिकर्ताओं के लिए यह सीमा 20 लाख रुपये ही रहेगी.


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