भारत में पहली बार, वायुमंडल से पानी बनाने वाला वॉटर जनरेटर हुआ लॉन्च

रक्षा मंत्रालय की नवरत्न कंपनी भारत इलेक्ट्रोनिक लिमिटेड (बीईएल) ने एक नए उत्पाद एटमोस्फेरिक वॉटर जनरेटर (एडब्ल्यूजी) का 21 फरवरी 2019 को एयरो इंडिया 2019 में अनावरण किया है. यह उत्पाद दुनिया में पेयजल की बढ़ती हुई जरूरत को पूरा करने के लिए एक नवाचार समाधान उपलब्ध कराता है. सेना प्रमुख जनरल विपिन रावत ने एडब्ल्यूजी का बीईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक एम वी गौतम और कंपनी के निदेशकों तथा वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में उद्घाटन किया.

बीईएल का यह एटमोस्फेरिक वॉटर जनरेटर (एडब्ल्यूजी) वायुमंडल में मौजूद नमी से सीधे ही पानी बनाने के लिए उपयोग किया जा सकता है. वह दिन दूर नहीं जब पेयजल इस ग्रह पर सबसे कीमती चीज बन जाएगा. वर्तमान में भूजल ही पेयजल का मुख्य स्रोत है.

 

एटमोस्फेरिक वॉटर जनरेटर (एडब्ल्यूजी) कैसे काम करता है?

  • एडब्ल्यूजी में वायुमंडल में मौजूद नमी से जल निकालने और इसे शुद्ध करने के लिए नवीन प्रौद्योगिकी का उपयोग किया गया है.
  • यह वायुंडल की नमी को संघनित करके स्वच्छ सुरक्षित और शुद्ध पीने योग्य पानी का उपयोग करने के लिए उष्मा के आदान-प्रदान का प्रयोग करता है.
  • इसमें एक खनिज यूनिट लगी है जो पानी को पीने योग्य बनाने के लिए उसमें खनिज शामिल करने का काम करती है.
  • एडब्ल्यूजी यूनिट को एक ही जगह पर स्थिर रूप में और गतिशील रूप में वाहनों में भी लगाया जा सकता है.
  • यह 30 लीटर, 100 लीटर, 500 लीटर और 1000 लीटर प्रतिदिन की क्षमता में उपलब्ध है.

 

एटमोस्फेरिक वॉटर जनरेटर (एडब्ल्यूजी)

 

एडब्ल्यूजी की उपयोगिता

एडब्ल्यूजी का उपयोग समुदाय केंद्रों और सार्वजनिक स्थलों जैसे-स्वास्थ्य देखभाल केंद्रों, स्कूलों, कॉलेजों, कार्यालयों, रेलवे स्टेशनों, बस स्टेंडों, हवाई अड्डों, बंदरगाहों, सैन्य प्रतिष्ठानों और दूर दराज के क्षेत्रों और प्रतिष्ठानों तथा आवासीय परिसर में पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए किया जा सकता है.

 

वॉटर जनरेटर का निर्माण

एटमोस्फेरिक वॉटर जनरेटर (एडब्ल्यूजी) का निर्माण बीईएल द्वारा सीएसआईआर-आईआईसीटी और एमएआईटीएचआरआई (हैदराबाद स्थित एक स्टार्ट-अप कंपनी) के सहयोग से किया जा रहा है. इसे एयरो इंडिया-2019 में हॉल-ई में बीईएल के स्टॉल पर प्रदर्शित किया गया है. बीईएल भारत सरकार की स्टार्ट-अप इंडिया पहल के एक हिस्से के रूप में स्टार्ट-अप कंपनियों को सहायता प्रदान कर रहा है.

 

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