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10 से अधिक ब्रांच वाले बैंकों के लिए ओम्बुड्समैन नियुक्त करना अनिवार्य: आरबीआई निर्देश

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 03 सितंबर 2018 को 10 से अधिक ब्रांच वाले सभी शेड्यूल्ड कॉमर्शियल बैंकों को आंतरिक बैंकिंग लोक प्रहरी (ओम्बुड्सनमैन या आईओ) की नियुक्ति करने का निर्देश दिया.

रिज़र्व बैंक ने क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को इस आदेश से अलग रखा है. रिजर्व बैंक ने आंतरिक लोक प्रहरी योजना बैंकों की आंतरिक शिकायत प्रणाली को मजबूत करने और ग्राहकों की शिकायतों का निपटान करने के लिए शुरू की है.

रिज़र्व बैंक द्वारा जारी निर्देश


•    आईओ को और स्वतंत्र करने और आईओ प्रणाली के कामकाज की निगरानी के लिए केंद्रीय बैंक ने आंतरिक लोक प्रहरी योजना, 2018 की व्यवस्था की समीक्षा की है.

•    रिजर्व बैंक ने बयान में कहा कि आईओ को ग्राहकों की सेवाओं में खामी की उन शिकायतों की जांच करनी चाहिए जिसे बैंक ने आंशिक या पूर्ण रूप से खारिज कर दिया है.

•    इस योजना के तहत आईओ की नियुक्ति-कार्यकाल, भूमिका और दायित्व, प्रक्रियागत दिशानिर्देश तथा निगरानी तंत्र आएगा.

•    आईओ योजना, 2018 के क्रियान्वयन की निगरानी बैंक की आंतरिक ऑडिट प्रणाली के तहत किया जाएगा. इसके अलावा केंद्रीय बैंक इस योजना पर नियामक के रूप में नजर रखेगा.

ओम्बुड्समैन

इसके अन्तर्गत एक 'बैंकिंग लोकपाल' की नियुक्ति की जाती है जो एक अर्ध-न्यायिक प्राधिकारी होता है. यद्यपि बैंकिंग लोकपाल योजना 1995 में लागू की गई थी, लेकिन 2002 एवं 2006 में इस योजना का दायरा बढ़ाते हुए संशोधन किए गए, ताकि बैंकों द्वारा स्वच्छ, पारदर्शी, भेदभाव रहित और जिम्मेदारी पूर्वक बैंकिंग सेवाएं प्रदान की जा सकें. यह एक स्वशासी स्वतंत्र संस्था है जो बैंकों द्वारा प्रदान की गई सेवाओं की निगरानी रखती है.


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