Advertisement

कैबिनेट ने राजस्थान के अनुसूचित क्षेत्रों की घोषणा को मंजूरी प्रदान की

मंत्रिमंडल ने भारत के संविधान की 5वीं अनुसूची के अंतर्गत राजस्थान के संबंध में अनुसूचित क्षेत्रों की घोषणा को स्वीकृति प्रदान की. इसके परिणामस्वरूप यह क्षेत्र अनूसूचित क्षेत्रों को दी जाने वाली सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे.

इसमें पाली जिले के बाली तहसील के 9 ग्राम पंचायतों के 33 गांवों को सम्मिलित किया गया है. मुख्यमंत्री के 23 अगस्त को इस मांग को ऊर्जा राज्यमंत्री पुष्पेंद्रसिंह राणावत ने प्रस्तुत किया था. प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने संविधान आदेश (सीओ) 114 दिनांक 12 फरवरी, 1981 को रद्द करके और नया आदेश लागू करके भारत के संविधान की 5वीं अनुसूची के अंतर्गत राजस्थान के संबंध में अनुसूचित क्षेत्रों की घोषणा को अपनी मंजूरी दे दी है.

घोषणा के मुख्य बिंदु

•    नया आदेश लागू होने से राजस्थान के अनुसूचित जनजाति के लोगों को भारत के संविधान की 5वीं अनुसूची के अंतर्गत उपलब्ध सुरक्षात्मक उपायों का लाभ मिलना सुनिश्चित होगा.

•    राजस्थान सरकार ने भारत के संविधान की 5वीं अनुसूची के अंतर्गत राजस्थान राज्य में अनुसूचित क्षेत्रों के विस्तार के लिए अनुरोध किया था.

•    राजस्थान राज्य में अनुसूचित क्षेत्रों में संपूर्ण रूप से बांसवाड़ा, डूंगरपुर और प्रतापगढ़ जिले, नौ तहसील, एक संपूर्ण ब्लॉक तथा उदयपुर, राजसमंद, चितौडग़ढ़, पाली और सिरोही जिलों के 727 गांवों को कवर करने वाली 46 ग्राम पंचायतें शामिल की जाएंगी.

•    इसमें बाली तहसील की 9 पंचायतों के 33 गांव सम्मिलित होंगे. अब इन गांवों में अनुसूचित क्षेत्रों की घोषणा के मद में अतिरिक्त धन खर्च करने की आवश्यकता नहीं होगी.


भारत विश्व का चौथा सबसे सहिष्णु देश: Ipsos MORI सर्वेक्षण


अनुसूचित क्षेत्र क्या है?

भारतीय संविधान की धारा 244(1) की 5वीं अनुसूची के पैराग्राफ 6 (1) के अनुसार ‘अनुसूचित क्षेत्र’ अभिव्यक्ति का अर्थ ऐसे क्षेत्रों से है जिसे राष्ट्रपति अपने आदेश से अनुसूचित क्षेत्र घोषित कर सकते हैं. संविधान की अनुसूची 5 के पैराग्राफ 6/(2) के अनुसार राष्ट्रपति किसी भी समय राज्य के राज्यपाल की सलाह के बाद एक राज्य में किसी अनुसूचित क्षेत्र में वृद्धि का आदेश दे सकते हैं, किसी राज्य और राज्यों के संबंध में इस पैराग्राफ के तहत जारी आदेश और आदेशों को राज्य के राज्यपाल की सलाह से निरस्त कर सकते हैं और अनुसूचित क्षेत्रों को फिर से परिभाषित करने के लिए नया आदेश दे सकते हैं.

 

Advertisement

Related Categories

Advertisement