केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत और नामीबिया तथा पनामा के चुनाव प्रबंधन निकायों के बीच समझौता ज्ञापन को मंजूरी दी

केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में 06 फरवरी 2019 को भारत और इलेक्शन कमीशन ऑफ नामीबिया (ईसीएन) तथा इलेक्शन ट्राईब्यूनल ऑफ पनामा (ईटीपी) के बीच चुनाव प्रबंधन और प्रशासन के क्षेत्र में सहयोग के संबंध में समझौता ज्ञापन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. यह बैठक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई.

निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रबंधन और प्रशासन के क्षेत्र में सहयोग के संबंध में इलेक्शन कमीशन ऑफ नामीबिया (ईसीएन) तथा इलेक्शन ट्राईब्यूनल ऑफ पनामा (ईटीपी) के साथ अपने समझौता ज्ञापन के बारे में ये प्रस्ताव विधि एवं न्याय मंत्रालय, विधायी विभाग को अग्रेषित किये हैं.

समझौते से संबंधित मुख्य विशेषताएं:

इस समझौता ज्ञापन में ऐसे मानक अनुच्छेद तथा धाराएं शामिल हैं, जो मोटे तौर पर चुनाव प्रबंधन और प्रशासन के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता व्यक्त करते हैं. इसमें चुनाव प्रक्रिया के संगठनात्मक और तकनीकी विकास के बारे में जानकारी तथा अनुभव का आदान-प्रदान करना, सूचना का आदान-प्रदान करना, संस्थागत सुदृढ़ीकरण करना और क्षमता निर्माण करना, कार्मिकों को प्रशिक्षण देना, नियमित विचार-विमर्श आदि को बढ़ावा देना शामिल है.

प्रभाव:

   यह समझौता ज्ञापन द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देगा. इसका उद्देश्य इलेक्शन कमीशन ऑफ नामीबिया (ईसीएन) और इलेक्शन ट्राईब्यूनल ऑफ पनामा (ईटीपी) के लिए तकनीकी सहायता/ क्षमता का निर्माण करना है.

   यह चुनाव प्रबंधन और प्रशासन के क्षेत्र में सहयोग तथा उन देशों में चुनाव आयोजित कराने तक सहायता उपलब्ध कराने की परिकल्पना करता है. इसके परिणामस्वरूप भारत के अंतर्राष्ट्रीय संबंधों को बढ़ावा मिलेगा.

भारतीत निर्वाचन आयोग:

   निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक निकाय है जो दुनिया में सबसे बड़े चुनावों का आयोजन करता है. भारतीय चुनाव आयोग की स्थापना 25 जनवरी 1950 को की गयी थी.

•   आयोग में वर्तमान में एक मुख्य चुनाव आयुक्त और दो चुनाव आयुक्त होते हैं. मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति भारत का राष्ट्रपति करता है.

   मुख्य चुनाव आयुक्त का कार्यकाल 6 वर्ष या आयु 65 साल, जो पहले हो, का होता है जबकि अन्य चुनाव आयुक्तों का कार्यकाल 6 वर्ष या आयु 62 साल, जो पहले हो, का होता हैं.

   चुनाव आयुक्त का सम्मान और वेतन भारत के सर्वोच्च न्यायलय के न्यायधीश के सामान होता है. मुख्य चुनाव आयुक्त को संसद द्वारा महाभियोग के जरिए ही हटाया जा सकता हैं.

   भारत निर्वाचन आयोग के पास विधानसभा, लोकसभा, राज्यसभा और राष्ट्रपति आदि चुनाव से सम्बंधित सत्ता होती है जबकि ग्रामपंचायत, नगरपालिका, महानगर परिषद् और तहसील एवं जिला परिषद् के चुनाव की सत्ता सम्बंधित राज्य निर्वाचन आयोग के पास होती है.

पृष्ठभूमि:

निर्वाचन आयोग कुछ देशों और एजेंसियों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर के माध्यम से दुनिया भर में चुनाव से संबंधित मामलों और निर्वाचन प्रक्रियाओं के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देता आया है.

भारत में लोकतंत्र की सफलता ने विश्व भर की लगभग हर एक राजनीतिक व्यवस्था का ध्यान अपनी ओर खींचा है. निर्वाचन आयोग का यह उत्तरदायित्व है कि वह विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक और आर्थिक पृष्ठभूमि वाले लगभग 85 करोड़ मतदाताओं देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव का आयोजन करे.

उत्कृष्टता हासिल करने की जद्दोजहद में निर्वाचन आयोग चुनाव और उससे जुड़े मामलों के संबंध में द्विपक्षीय संबंध कायम करने हेतु विदेशी चुनाव निकायों की ओर से विभिन्न प्रस्ताव प्राप्त करता रहा है.

 

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