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भारत और फ़िनलैंड बाह्य अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग के लिए सहमत

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने 13 फरवरी 2019 को बाह्य अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग के क्षेत्र में सहयोग के लिए भारत और फिनलैंड के बीच सहमति पत्र (एमओयू) को अपनी मंजूरी दे दी है. इस एमओयू पर जनवरी, 2019 को नई दिल्‍ली में हस्‍ताक्षर किये जा चुके हैं.

प्रभाव

  • हस्‍ताक्षरित एमओयू के तहत पृथ्‍वी के सुदूर संवेदन, उपग्रह संचार, उपग्रह आधारित नौवहन, अंतरिक्ष विज्ञान और बाह्य अंतरिक्ष के अन्‍वेषण के क्षेत्र में नई अनुसंधान गतिविधियों और अनुप्रयोग (एप्‍लीकेशन) से जुड़ी संभावनाओं की तलाश को बढ़ावा दिया जाएगा.
  • फिनलैंड की सरकार के साथ सहयोग के परिणामस्‍वरूप मानवता की भलाई के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियों के उपयोग के क्षेत्र में एक संयुक्‍त गतिविधि का विकास संभव हो पाएगा.

बाह्य अन्तरिक्ष क्षेत्र के संभावित क्षेत्रों में सहयोग सुनिश्चित होगा

  • पृथ्‍वी का सुदूर संवेदन
  • उपग्रह संचार और उपग्रह आधारित नौवहन
  • अंतरिक्ष विज्ञान और ग्रह संबंधी अन्‍वेषण
  • अंतरिक्ष उपकरणों (ऑब्‍जेक्‍ट) और जमीन आधारित प्रणाली का विकास, परीक्षण एवं परिचालन
  • भारत के प्रक्षेपण यानों द्वारा फिनलैंड के अंतरिक्ष उपकरणों को प्रक्षेपित करना
  • अंतरिक्ष से जुड़े डेटा की प्रोसेसिंग एवं उपयोग करना
  • अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियों और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के उपयोग पर आधारित अभिनव अनुप्रयोगों और समाधानों (सॉल्‍यूशन) को विकसित करना
  • उभरते नये अंतरिक्ष अवसरों और डेटा पारिस्थितिकी एवं बाह्य अंतरिक्ष के सतत उपयोग के क्षेत्र में सहयोग करना.


 

इस एमओयू के तहत प्रतिभागी अथवा उनके द्वारा अधिकृत किये जाने पर कार्यान्‍वयनकारी एजेंसियां आवश्‍यकता पड़ने पर उन विशिष्‍ट सहकारी परियोजनाओं के प्रबंधन के लिए परियोजना टीमों का गठन कर सकती हैं, जिन पर काम कार्यान्‍वयनकारी व्‍यवस्‍थाओं के तहत शुरू किया जाएगा.

कार्यान्‍वयनकारी रणनीति और लक्ष्‍य

सभी प्रतिभागी इस एमओयू के तहत सहकारी गति‍विधियों में सामंजस्‍य स्‍थापित करने के उद्देश्‍य से एक-एक समन्‍वयक को मनोनीत करेंगे. इस एमओयू के कार्यान्‍वयन में सुविधा के लिए प्रतिभागी पारस्‍परिक निर्णय लेने के लिए बारी-बारी से भारत अथवा फिनलैंड में बैठकें करेंगे अथवा वीडियो कांफ्रेंस के जरिये निर्णय लेंगे.

इस एमओयू के तहत प्रतिभागी अथवा उनके द्वारा अधिकृत किये जाने पर कार्यान्‍वयनकारी एजेंसियां आवश्‍यकता पड़ने पर उन विशिष्‍ट सहकारी परियोजनाओं के प्रबंधन के लिए परियोजना टीमों का गठन कर सकती हैं, जिन पर काम कार्यान्‍वयनकारी व्‍यवस्‍थाओं के तहत शुरू किया जाएगा.


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