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केंद्र सरकार ने चुनाव प्रचार खर्च की सीमा 10 प्रतिशत बढ़ा दी

केंद्र सरकार ने लोकसभा और विधानसभा उम्मीदवारों की अधिकतम व्यय सीमा 10 प्रतिशत बढ़ा दी है. चुनाव आयोग के सुझाव पर सरकार ने यह फैसला किया है क्योंकि कोविड-19 के कारण जारी दिशा-निर्देशों के चलते उन्हें प्रचार करने में परेशानी का सामना कर पड़ सकता है. इससे बिहार विधानसभा चुनाव और लोकसभा की एक तथा विधानसभा की 59 सीटों पर होने वाले उप चुनाव में उम्मीदवारों को सहायता मिलेगी.

चुनाव आयोग ने एक महीने पहले कोविड-19 के मद्देनजर उम्मीदवारों के धन व्यय की सीमा 10 प्रतिशत बढ़ाने का सुझाव दिया था. लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए चुनाव खर्च की सीमा को चुनाव आयोग की सिफारिश के आधार पर 10 प्रतिशत तक बढ़ाया गया है.

कानून मंत्रालय ने क्या कहा?

कानून मंत्रालय द्वारा 19 अक्टूबर 2020 को जारी अधिसूचना में कहा गया है कि एक उम्मीदवार को लोकसभा चुनाव में प्रचार के लिए अधिकतम खर्च अब 77 लाख रुपये हो सकता है. यह अब तक 70 लाख रुपये था. विधानसभाओं के लिए इसे 28 लाख रुपये से बढ़ाकर 30.8 लाख रुपये कर दिया गया है.

मुख्य बिंदु

•    चुनाव नियमों के आचरण में संशोधन करने वाली अधिसूचना में यह उल्लेख नहीं किया गया है कि सीमा को महामारी को ध्यान में रखते हुए बढ़ाया गया है.

•    उम्मीदवारों को उनके प्रचार के लिए खर्च करने की अधिकतम सीमा सीमा राज्य-दर-राज्य बदलती रहती है. लोकसभा चुनाव से पहले साल 2014 में आखिरी बार अधिकतम व्यय सीमा बढ़ाई गई थी.

•    अधिसूचना में कहा गया है कि आधिकारिक राजपत्र में उनके प्रकाशन की तारीख को लागू होगा और केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित किए जाने तक ऐसी तिथि तक लागू रहेगी.

बिहार में होने हैं चुनाव

बिहार में विधानसभा चुनाव 2020 के लिए मतदान 28 अक्टूबर, तीन नवम्बर और सात नवम्बर को होना है. अधिकतर उपचुनाव तीन नवम्बर को होंगे. बिहार में वाल्मीकि नगर लोकसभा सीट और मणिपुर की कुछ विधानसभा सीटों पर उपचुनव सात नवम्बर को है.

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