चारधाम परियोजना: सभी मौसम में चारो धाम पहुंचना जल्द होगा आसान

केंद्रीय सडक परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने 26 मई 2020 को चारधाम संपर्क परियोजना के तहत चम्‍बा में बनाई गई 440 मीटर लम्‍बी सुरंग का उद्घाटन किया. इस सुरंग से चारधाम राजमार्ग के ऋषिकेश-धारसू और गंगोत्री मार्ग के यात्रियों के समय में काफी बचत होगी.

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ऋषिकेश- धरासू रोड पर व्यस्त चम्‍बा कस्बे के नीचे 440 मीटर लंबी सुरंग बनाने के लिए सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की तारीफ की और इसे महामारी के दौरान राष्ट्र-निर्माण की दिशा में एक ‘असाधारण उपलब्धि' करार दिया.

चम्‍बा में भीडभाड से राहत मिलेगी

इस परियोजना से चम्‍बा में भीडभाड से राहत मिलेगी और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को भी बढावा मिलेगा. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि यह परियोजना निर्धारित समय से तीन महीने पहले अक्टूबर में पूरी होगी.

चारधाम परियोजना के तहत लगभग आठ सौ नवासी किलोमीटर लम्‍बे राष्‍ट्रीय राजमार्ग का निर्माण किया जाना है. गंगोत्री और बद्रीनाथ से लगे ढाई सौ किलोमीटर लम्‍बे सड़क मार्ग के निर्माण का कार्य सीमा सड़क संगठन को सौंपा गया है.

मुख्य बिंदु

चम्‍बा सुरंग के निर्माण में नवीनतम ऑस्ट्रियाई प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया गया है. नितिन गडकरी ने कहा कि निर्धारित तिथि से तीन महीने पहले ही अक्टूबर 2020 में सुरंग से यातायात शुरू हो जाएगा.

सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह ने कहा कि बीआरओ ने सुरंग के उत्तरी छोर पर काम जनवरी 2019 में शुरू किया, लेकिन सुरक्षा चिंताओं और क्षतिपूर्ति मुद्दों के कारण दक्षिण छोर पर अक्टूबर 2019 के बाद ही काम शुरू हो सका.

बीआरओ लगभग 12,000 करोड़ रुपये की लागत वाली 900 किलोमीटर लंबी चारधाम परियोजना के तहत गंगोत्री और बद्रीनाथ के पवित्र मंदिरों की ओर जाने वाले 250 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कर रहा है.

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि इस सुरंग से यातायात की गति को सुचार बनाने, भीड़भाड़ कम करने और चम्‍बा शहर तक पहुंच को बेहतर बनाने के साथ ही चारधाम यात्रा के लिए आवाजाही को आसान बनाने और आर्थिक समृद्धि लाने में मदद मिलेगी.

चारधाम परियोजना क्या है?

चारधाम महामार्ग या ऑल वेदर एक्सप्रेसवे उत्तराखंड राज्य में एक प्रस्तावित एक हाईवे परियोजना है. इसके अंतर्गत राज्य में स्थित चार धाम तीर्थस्थलों को एक्सप्रेस राष्ट्रीय राजमार्गों के माध्यम से जोड़ा जायेगा. परियोजना के तहत कम से कम 10-15 मीटर चौड़े दो-लेन (प्रत्येक दिशा में) राष्ट्रीय राजमार्ग बनाये जायेंगे. इस परियोजना के अंतर्गत कुल 900 किमी सड़कों का निर्माण होगा. भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी द्वारा दिसंबर 2016 में इस परियोजना की आधारशिला रखी गयी थी.

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