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सिग्नस कार्गो एयरक्राफ्ट आइसक्रीम तथा 3,350 किग्रा सामग्री सहित अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पहुंचा

एरोस्पेस ऐंड डिफेंस कंपनी  नॉर्थरॉप ग्रूमैन (Northrop Grumman) का सिग्नस कार्गो अंतरिक्षयान 19 नवम्बर 2018 को आइसक्रीम, ताज़े फल, मेडिकल ज़रूरतें और स्पेस सूट समेत 3,350  किलोग्राम सामान के साथ अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) पहुंच गया. ग्रूमैन का आईएसएस के लिए यह 10वां कमर्शियल रीसप्लाई मिशन है. विशेष बात यह है कि यह अंतरिक्षयान आईएसएस में फरवरी 2019  तक बना रहेगा.

सिग्नस स्पेसक्राफ्ट सप्लाई


•    सिग्नस कार्गो एयरक्राफ्ट द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन के छह अंतरिक्ष यात्रियों के लिए 3350 किलोग्राम सामान ले जाया गया है.

•    इसमें फ्रोज़न फ्रूट बार, आइसक्रीम, आइसक्रीम सैंडविच, चॉकलेट कप्स तथा वनीला आइसक्रीम आदि चीजें भेजी गई हैं.

•    सिग्नस को एस.एस. जॉन यंग का नाम भी दिया गया है. स्पेसक्राफ्ट को यह नाम उनके द्वारा पहले स्पेस शटल की कमांड संभाले जाने के चलते उन्हें सम्मान के तौर पर दिया गया है.

•    इस स्पेसक्राफ्ट द्वारा यह भी पता लगाया जायेगा कि भारहीनता की स्थिति में सीमेंट कैसे कठोर होता है.


अंतरराष्ट्रीय अन्तरिक्ष स्टेशन (आईएसएस)

•    अंतरराष्ट्रीय अन्तरिक्ष स्टेशन या केन्द्र बाहरी अंतरिक्ष में अनुसंधान सुविधा या शोध स्थल है जिसे पृथ्वी की निकटवर्ती कक्षा में स्थापित किया है.

•    यह पांच अलग-अलग देशों की अंतरिक्ष एजेंसियों द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम है, जिसमें शामिल हैं, नासा (यूएसए), रोजकोसमोस (रूस), जैक्सए (जापान), ईएसए (यूरोप), और सीएसए (कनाडा).

•    आईएसएस का मुख्य उद्देश्य अंतरिक्ष में अनुसंधान को पूरा करने के लिए माइक्रोग्राविटी में जगह प्रदान करना है.

•    अनुसंधान विभिन्न प्रकार के वैज्ञानिक क्षेत्रों जैसे कि मौसम विज्ञान, आकाशवाणी विज्ञान, और सामग्री विज्ञान जैसे विभिन्न क्षेत्रों में किया जाता है अंतरिक्ष में रहते हुए भी अंतरिक्ष यात्री स्वयं पर अनुसंधान करते रहते हैं.

•    अंतरराष्ट्रीय अन्तरिक्ष स्टेशन का भार 4,19,455 किलोग्राम है जो कि अब तक अन्तरिक्ष में भेजी गई सबसे भारी वस्तु है.

•    अंतरराष्ट्रीय अन्तरिक्ष स्टेशन को 20 नवम्बर 1998 को लॉन्च किया गया था. इसके विभिन्न भागों को 136 उड़ानों द्वारा अंतरिक्ष में भेजा गया तथा इसे वहीँ जोड़ा गया था.

 

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