डेली करेंट अफेयर्स डाइजेस्ट: 21 मई 2019

जागरणजोश.कॉम पाठकों की सुविधा हेतु प्रतिदिन के करेंट अफेयर्स से सम्बंधित जानकारी को संक्षिप्त रूप में प्रस्तुत कर रहा है.

युजवेंद्र चहल ने लाइफस्टाइल ब्रांड चेकमेट लांच किया

भारतीय स्पिनर युजवेंद्र चहल ने हाई टाइम्स सोल्यूशंस के साथ मिलकर लाइफस्टाइल ब्रांड ‘चेकमेट’ शुरू किया है. यह चहल का पहला व्यावसायिक उपक्रम है.

युजवेंद्र चहल एक भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी है जो घरेलू क्रिकेट में हरियाणा टीम की ओर से खेलते हैं. ये एक लेग ब्रेक गेंदबाज है. इनके अलावा यूज़वेन्द्र इंडियन प्रीमियर लीग में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की तरफ से भी खेलते है.

भारतीय शांतिरक्षक को मरणोपरांत संयुक्त राष्ट्र पदक से सम्मानित किया जाएगा

भारतीय शांतिरक्षक जितेंद्र कुमार उन 119 सैन्य, पुलिस एवं असैन्य कर्मियों में शामिल हैं जिन्हें उनके साहस एवं बलिदान हेतु मरणोपरांत इस साल प्रतिष्ठित संयुक्त राष्ट्र पदक से सम्मानित किया जाएगा. संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरूद्दीन यहां एक कार्यक्रम में जितेंद्र की ओर से पदक ग्रहण करेंगे.

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस करेंगे. भारत संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षा के लिए वर्दीधारी जवानों का योगदान देने के मामले में चौथे स्थान पर है. संयुक्त राष्ट्र की पिछले साल जारी सूचना के अनुसार भारत ने पिछले 70 वर्षों में विभिन्न शांतिरक्षा अभियानों में तैनात अपने सर्वाधिक शांतिरक्षक खोए हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने ईवीएम से वीवीपैट पर्चियों के 100% मिलान की याचिका की खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने 21 मई 2019 को ईवीएम की वीवीपैट पर्चियों से 100 प्रतिशत मिलान की याचिका खारिज करते हुए कहा कि कोर्ट बार-बार ऐसे मामलों पर सुनवाई नहीं करेगा. कोर्ट ने कहा की हम जनता द्वारा उनके प्रतिनिधि चुनने के रास्ते में नहीं आ सकते. इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ईवीएम से 50 प्रतिशत वीवीपैट पर्चियों के मिलान की याचिका खारिज कर चुका है.

याचिकाकर्ता ने गोवा और उड़ीसा के अलावा ईवीएम मशीनों में गड़बड़ी का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट से सभी ईवीएम का वीवीपीएटी से मिलान करने की मांग की थी. इससे पहले 07 मई 2019 को सुप्रीम कोर्ट में ईवीएम और वीवीपैट की पर्चियों के मिलान को लेकर सुनवाई हुई थी.

गुजरात सरकार के कॉल सेंटर स्कूली शिक्षकों पर नज़र रखेंगे

गुजरात सरकार ने हाल ही में राज्य के सरकारी स्कूलों में कार्यरत करीब 1.9 लाख शिक्षकों की 'अनुपस्थिति' और पढ़ाने के प्रति 'गंभीरता की कमी' पर नज़र रखने के लिए कॉल सेंटर स्थापित किया है. कॉल सेंटर के कर्मचारी शिक्षकों से उन्हें दिनभर के लिए मिले काम की जानकारी लेंगे. शिक्षकों पर नज़र रखने वालों को जीपीएस युक्त टैबलेट्स भी दिए जाएंगे.

इस कॉल सेंटर से रोजाना शिक्षकों को कॉल किया जाएगा और उनसे उनके लोकेशन और कामकाज से संबंधित प्रश्नों के जवाब मांगे जाएंगे. नए तरीके से कामकाज और कॉल सेंटर को लेकर अधिकारियों ने बताया कि कई तरह की रिपोर्ट्स पर विचार के बाद यह व्यवस्था लागू की जा रही है.

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