डेली करेंट अफेयर्स डाइजेस्ट: 22 नवंबर 2019

प्रतिदिन के करेंट अफेयर्स से सम्बंधित जानकारी को संक्षिप्त रूप में प्रस्तुत किया गया है. इसमें आज सिंगल यूज प्लास्टिक और कर्नाटक सरकार से संबंधित जानकारी संक्षिप्त रूप में प्रस्तुत किया गया है.

केरल सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया

केरल सरकार ने 21 नवंबर 2019 को सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है. सरकार ने 01 जनवरी 2020 से सिंगल यूज प्लास्टिक पर बैन लगाने का फैसला लिया है. मोदी सरकार ने साल 2022 तक देश को सिंगल यूज प्लास्टिक से फ्री करने का लक्ष्य रखा है.

सिंगल यूज प्लास्टिक की श्रेणी में मात्र एक बार उपयोग किए जाने वाले प्लास्टिक, जैसे पानी की बोतलें एवं दूध के पैकेट आदि आते हैं. नए कानून के तहत प्रतिबंध की अवहेलना करने वाले निर्माताओं, थोक विक्रेताओं तथा खुदरा विक्रेताओं के लिए पहली बार 10,000 रुपये के जुर्माने का प्रावधान है.

कर्नाटक की महिलाएं नाइट शिफ्ट में भी फैक्ट्रियों में काम कर सकेंगी: सरकार

कर्नाटक सरकार ने 20 नवंबर 2019 को एक अधिसूचना जारी की. इस अधिसूचना में कर्नाटक सरकार ने कारखाना अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत प्रदेश की सभी फैक्ट्रियों में महिलाओं को ‘नाइट शिफ्ट’ में काम करने की अनुमति दे दी है. राज्य सरकार के अनुसार, अब महिलाएं भी शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे तक काम कर सकेंगी.

अधिसूचना यह भी पूरी तरह से स्पष्ट करती है कि किसी भी महिला कर्मचारी के लिए रात की पाली में काम करना अनिवार्य या बाध्यकारी नहीं बनाया जाएगा. इस अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि रात्रि पाली में काम करने की इच्छुक महिला कर्मचारियों से लिखित में सहमति लेना आवश्यक होगा.

आंध्र प्रदेश सरकार ने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने हेतु आईआईएम-अहमदाबाद के साथ समझौता किया

आंध्र प्रदेश सरकार ने हाल ही में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से 21 नवंबर 2019 को भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) अहमदाबाद के साथ समझौता किया है. इसके तहत संस्थान प्रशासन के सभी स्तरों पर भ्रष्टाचार को चिन्हित करने हेतु अध्ययन करेगा.

इस समझौते के तहत आईआईएम-अहमदाबाद फरवरी 2020 तक अध्ययन पूरा करेगा ओर अपनी रिपोर्ट सौंपेगा. यह संस्थान गांव के स्तर से सरकार के उच्च स्तर पर भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने हेतु दिशा-निर्देश लाएगा.

दिल्ली के वायु प्रदूषण से निपटने हेतु ब्रिटेन-भारत के वैज्ञानिकों बीच समझौता

ब्रिटेन और भारत के पर्यावरण वैज्ञानिक दिल्ली के वायु प्रदूषण से निपटने हेतु मिलकर काम करेंगे. मैनचेस्टर विश्वविद्यालय के वायु गुणवत्ता विशेषज्ञों ने वायु प्रदूषण से निपटने हेतु भारतीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान तथा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-मद्रास से हाथ मिलाया है.

मैनचेस्टर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर के अनुसार, दिल्ली में वायु प्रदूषण कई कारकों से जुड़ा हुआ है, जिनमें भारी ट्रैफिक, अपशिष्ट पर्दाथों को जलाना, मॉनसून से पहले धूल भरी हवा का चलना शामिल है. बदलते मौसम में फसलों का जलाया जाना भी प्रदूषण का बहुत अहम स्त्रोत है.

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