रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने सूचना समेकन केंद्र का उद्घाटन किया

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने 22 दिसंबर 2018 को सूचना प्रबंधन और विश्लेषण केंद्र (आईएमएसी) गुरुग्राम में सूचना समेकन केंद्र - हिंद महासागर क्षेत्र (आईएफसी-आईओआर) का शुभारंभ किया.

इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्रालय, विदेश मामले मंत्रालय, गृह मंत्रालय, जहाजरानी मंत्रालय के अधिकारियों के प्रतिनिधित्व के अतिरिक्त एनएससीएस, राजदूतों और साझीदार देशों के रेजिडेंट डिफेंस अटैचियों ने भी भाग लिया.

आईएफसी-आईओआर का उद्देश्य:

आईएफसी-आईओआर का उद्देश्य सहयोगी देशों और बहुराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ नौवहन जागरुकता और सूचना साझा करने के लिये परस्पर सहयोग करना है. यह खासकर वाणिज्यिक मालवाहक जहाजों के बारे में सूचनाओं को साझा करने में अहम होगा. इससे हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा.

 

मुख्य तथ्य:

   आईएफसी-आईओआर रखने का उद्देश्य साझीदार देशों के लिए अधिक है, यह वैश्विक संसाधनों को सुरक्षित रखने तथा इसे लोकतांत्रिक रूप से सभी के लिए उपलब्ध कराने की दिशा में काम करने के लिए महत्वपूर्ण हैं.

   हमारे क्षेत्र में मौजूद विभिन्न चुनौतियों को दूर करने की दिशा में आईएफसी-आईओआर हमारे सामूहिक ज्ञान और संसाधनों का उपयोग करने के अलावा हमें एकीकृत करने में भी मदद करेगा, जिससे हम एक-दूसरे की सर्वोत्तम प्रथाओं और विशेषज्ञता से लाभान्वित होंगे.

•   आईएफसी-आईओआर एक सहयोगी निर्माण होगा जो भागीदारों, देशों के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों की समुद्री सुरक्षा बढ़ाने के लिए साथ मिलकर काम करेगा.

•   आईएफसी-आईओआर एक समान सुसंगत समुद्री स्थिति चित्र बनाकर क्षेत्र और उससे परे समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के दृष्टिकोण से स्थापित किया गया है.

 

इस केंद्र के जरिए भारत समुद्री परिवहन नौकाओं के संचालन और अन्‍य गतिविधियों पर नजर रख पाएगा. यह तकनीक समुद्री सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक नोडल केंद्र साबित होगी. इसकी मदद से हिंद महासागर क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा. इस क्षेत्र में शांति को बढ़ावा देने के लिए भारत आईएफसी-आईओआर मिली जानकारियों को मित्र राष्‍ट्रों से साक्ष करेगा.

 

महत्वपूर्ण हब:

आईएफसी-आईओआर प्रक्षेपण समुद्री सुरक्षा से संबंधित सूचना संलयन और आदान-प्रदान के एक महत्वपूर्ण हब साबित होगा. समुद्री सुरक्षा के मामले में यह आने वाले दिनों अहम भूमिका निभाएगा.

 

पृष्ठभूमि:

हिंद महासागर क्षेत्र विश्व व्यापार और कई देशों की आर्थिक समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि दुनिया के 75% से अधिक समुद्री व्यापार और 50% वैश्विक तेल खपत आईओआर से होकर गुजरता है. हालाँकि, समुद्री आतंकवाद, समुद्री डकैती, मानव और अंतर्जनपदीय तस्करी, अवैध और अनियमित रूप से मछली पकड़ना, हथियार चलाना और अवैध शिकार करना इस क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और सुरक्षा को चुनौती देता है. इन चुनौतियों के जवाब के लिए इस क्षेत्र में समुद्री गतिविधियों की बढ़ती स्थितिजन्य जागरूकता की आवश्यकता है ताकि सुरक्षा एजेंसियों को प्रभावी ढंग से कार्य करने में सक्षम बनाया जा सके.

 

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