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दिल्ली सरकार ने ‘रेड लाइट आन, गाड़ी आफ’ अभियान 30 नवम्बर तक बढ़ाया

दिल्ली सरकार ने 11 नवंबर 2020 को प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए इसे 30 नवम्बर तक बढ़ाने का फैसला किया है. दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि आप सरकार ने वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए ‘रेड लाइट आन, गाड़ी आफ’ अभियान को 30 नवम्बर तक बढ़ाने का फैसला किया है.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 21 अक्टूबर को इस अभियान की शुरुआत करते हुए कहा था कि यदि शहर में 10 लाख वाहन भी इस अभियान में शामिल हो जाते हैं, तो एक वर्ष में पीएम 10 का स्तर 1.5 टन और पीएम 2.5 का 0.4 टन कम हो जाएगा. 21 अक्टूबर से शुरू किया गया अभियान 15 नवंबर को समाप्त होने वाला है. इसे बढ़ाकर 30 नवंबर कर दिया गया है.

अभियान का उद्देश्य

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य रेड लाइट पर खड़े वाहनों को बंद कर 15 से 20 प्रतिशत प्रदूषण को कम करना है. दिल्ली को वाहनों के धुएं से होने वाले प्रदूषण से बचाने के लिए सरकार की ओर से 'रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' अभियान शुरू किया गया है.

ढाई हजार मार्शल नियुक्त

अभियान के दूसरे चरण में भी पहले की तरह लोगों को जागरूक करने हेतु ढाई हजार मार्शल नियुक्त किए जाएंगे. ढाई हजार मार्शल पहले फेज की तरह 11 जिलों के 100 अलग-अलग चैराहे पर नियुक्त किए जाएंगे. मुख्य 10 चैराहों पर 20-20 पर्यावरण मार्शल नियुक्त होंगे. एसडीएम, एसीपी, ट्रैफिक पुलिस का संयुक्त निगरानी का तंत्र दूसरे चरण के अंदर भी जारी रहेगा.

पर्यावरण मंत्री ने क्या कहा?

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अभियान को 15 नवंबर तक जारी रखा जाना था. हालांकि, दिल्ली सरकार ने प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए इसे 30 नवम्बर तक बढ़ाने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि इसे अभियान का 'चरण 2' कहा जाएगा. राय ने इससे पहले कहा था कि रेड लाइट पर इंतजार करने के दौरान वाहनों का इंजन बंद कर देने से वाहनों से होने वाले प्रदूषण में 15 से 20 प्रतिशत की कमी हो सकती है.

पटाखों की बिक्री पर है पूर्ण प्रतिबंध

दिल्ली सरकार ने 05 नवंबर 2020 को 30 नवंबर तक शहर में सभी प्रकार के पटाखों की बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया था. राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने भी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 09 नवंबर की आधी रात से 30 नवंबर की मध्यरात्रि तक सभी प्रकार के पटाखों की बिक्री या उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था.

पराली को लेकर लिया गया ये अहम फैसला

पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली में खुले में पराली जलाने में कमी लाने के लिए ‘पूसा बायो-डीकंपोजर’ सॉल्यूशन की प्रभावशीलता का पता लगाने के लिए गठित 15 सदस्यीय समिति आज (12 नवम्बर 2020) को अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेगी. भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा के वैज्ञानिकों के अनुसार यह सॉल्यूशन 15 से 20 दिनों में पराली को खाद में बदल सकता है और इसलिए इससे पराली जलाने पर रोक लगेगी.

पृष्ठभूमि

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से ‘युद्ध, प्रदूषण के विरुद्ध’ अभियान की शुरुआत की है. इस अभियान के अंतर्गत कई गतिविधियां शुरू की गई है. पर्यावरण मार्शल वाहन चालकों को रेड लाइट पर खड़े रहने के दौरान अपने वाहन बंद रखने की अपील कर रहे हैं. दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली सरकार से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक और ईपीसीए से लेकर सभी वैज्ञानिक, डीपीसीसी के लोग प्रदूषण पर निगरानी रख रहे हैं.

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