डेनमार्क ओपन बैडमिंटन: साइना नेहवाल ने रजत पदक जीता

भारतीय  बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने 21 अक्टूबर 2018 को डेनमार्क ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट में महिला सिंगल्स में रजत पदक जीता. वे फाइनल में ताइपे की ताई जू यिंग के खिलाफ 13-21, 21-13, 21-6 से हार गईं. वे ताई के खिलाफ लगातार 11वां मुकाबला हारी हैं.

हालांकि, टूर्नामेंट का फाइनल खेलने से साइना नेहवाल को वर्ल्ड वुमन सिंगल्स रैंकिंग में फायदा हुआ. वे फिर से टॉप-10 में पहुंच गईं. अमेरिका की बेलवेन झांग को एक स्थान का नुकसान हुआ. वे 11वें नंबर पर पहुंच गईं.

मुख्य तथ्य:

•   ताई जू यिंग ने दो सालों के बाद इस खिताब को फिर से जीता है. पिछली बार उन्होंने वर्ष 2016 में यह खिताब हासिल किया था.

                       गेम स्कोर:

पहले गेम को ताई जू यिंग ने 15 मिनट के भीतर 21-13 से अपने नाम कर लिया. दूसरे गेम में साइना नेहवाल ने वापसी की और ताई जू यिंग को पछाड़ते हुए 21-13 से जीत हासिल कर 1-1 से बराबरी कर ली. तीसरे गेम में ताई जू यिंग ने पूरी तरह से साइना नेहवाल पर दबाव बनाए रखा और उन्हें अंक हासिल करने के मौके नहीं दिए. इस कारण साइना नेहवाल को तीसरे गेम में ताई जू यिंग के खिलाफ 6-21 से हार मिली.

•   साइना नेहवाल के लिए इस साल यह पांचवा टूर्नामेंट हैं जहां वह उप-विजेता बनीं है. डेनमार्क ओपन से पहले वह इंडोनेशिया मास्टर्स, ऑल इंग्लैंड चैम्पियन, बैडमिंटन एशिया चैम्पियनशिप और इंडोनेशिया में हुए एशियाई खेलों में उपविजेता रही थी.

•   साइना नेहवाल ने वर्ष 2012 में डेनमार्क ओपन का खिताब अपने नाम किया था. वह इस खिताब को जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी हैं. हालांकि, वह दूसरी बार इस खिताब को नहीं जीत पाईं.

•   इस खिताबी जीत के साथ ही ताई जू यिंग किसी भी वर्ग में डेनमार्क ओपन टूर्नामेंट जीतने वाली चीनी ताइपे की पहली खिलाड़ी बन गई हैं. साइना नेहवाल और ताई जू यिंग के बीच अब तक कुल 18 मुकाबले हो चुके हैं. इसमें से 13 मुकाबले ताई जू यिग ने जीते हैं.

साइना नेहवाल

•    साइना नेहवाल का जन्म 17 मार्च 1990 को हुआ. वह भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी हैं.

•    साइना को भारत सरकार द्वारा पद्म श्री और सर्वोच्च खेल पुरस्कार राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है.

•    वह दुनिया की शीर्ष वरीयता प्राप्त महिला बैडमिंटन खिलाडी हैं. इस मुकाम तक पहुँचने वाली वे प्रथम भारतीय महिला हैं.

•    एक महीने में तीसरी बार प्रथम वरीयता पाने वाली भी वो अकेली महिला खिलाडी हैं.

•    लंदन ओलंपिक 2012 मे साइना ने इतिहास रचते हुए बैडमिंटन की महिला एकल स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया.

•    बैडमिंटन मे यह लक्ष्य हासिल करने वाली वह भारत की पहली खिलाड़ी हैं.

यह भी पढ़ें: साइना नेहवाल और एच एस प्रणॉय ने राष्ट्रीय बैडमिंटन ख़िताब जीता

 

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