पर्यावरण मंत्री ने दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण हेतु "वायु" प्रणाली का शुभारंभ किया

राजधानी दिल्ली में बढ़ रहे प्रदूषण से निजात पाने की दिशा में पर्यावरण मंत्रालय द्वारा पहल की गई है जिसके तहत दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए “वायु” नामक मशीनें लगाईं जायेंगी.

काउंसिल ऑफ साइंस एंड इंडस्ट्रीयल रिसर्च-नेशनल एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट(सीएसआईआर-नीरी) की तरफ से विकसित विंड ऑगमेंटेशन प्यूरिंग यूनिट (वायु) का केंद्रीय विज्ञान एवं तकनीक मंत्री डॉ. हर्षवर्धन द्वारा शुभारंभ किया गया.

 

दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण योजना

डॉ. हर्षवर्धन ने कहा है कि 15 अक्टूबर तक दिल्ली के अलग-अलग चौराहों पर 54 एयर प्यूरीफायर लगाए जाएंगे. दिल्ली के चौराहों पर लगने वाले ये यंत्र 500 वर्गमीटर में हवा साफ करेंगे जबकि सीएसआईआर-नीरी भविष्य में 10 किलोमीटर तक की हवा साफ करने वाला यंत्र को विकसित करने पर काम कर रहा है. इस एयर प्यूरीफायर को 10 घंटे चलाने में सिर्फ आधा यूनिट बिजली और मासिक 1500 रुपए रखरखाव पर खर्च होंगे.


वायु प्रदूषण नियंत्रण प्रणाली

•    यह हवा साफ करने की एक मशीन है जिसे व्यस्त व प्रदूषित चौराहों पर लगाया जायेगा.

•    यह धूल कणों को सोख लेगा तथा वायु यंत्र दो सिद्धांत पर काम करेगा.

•    पहले, हवा में जो प्रदूषित कण है उसे सोखेगा. दूसरा, एक्टिव प्रदूषण उसमें से हटा देगा.

•    ये यंत्र पर्टिकुलेट मैटर निकालकर उसमें कार्बन एक्टिवेट करेगा. यह जहरीली गैस और कार्बन मोनोऑक्साइड को हवा से खत्म करेगा.

•    इस यंत्र में 1 पंखा और 1 फिल्टर है जो पर्टिकुलेट मैटर को सोखेगा.

•    दो लैंप और आधा किलो कार्बन चारकोल जिसमें टाइटेनियम डाईऑक्साइड कैमिकल मिला होगा, वो भी यंत्र में होगा.

उपरोक्त वायु प्रदूषण नियंत्रण पद्धति के अतिरिक्त नीरी ने दिल्ली पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी को शवदाह गृहों में धुएं को रोकने के लिए स्क्रबर और ढाबों में इस्तेमाल के लिए एक खास तरह का तंदूर डिजाइन सौंपा है. यह शवदाह गृहों व ढाबों में होने वाले प्रदूषण को 40% तक कम करेगा.

 

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