यूरोपीय संसद ने सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाया

यूरोपीय संसद ने 28 मार्च 2019 को एकल उपयोग (सिंगल-यूज़) वाले प्लास्टिक उत्पादों पर प्रतिबंध लगाने के लिए मतदान किया है. इसमें प्लास्टिक कचरे के खिलाफ यूरोपीय संसद ने समुद्र तटों को प्रदूषित करने वाले महासागरों और समुद्रों में उपस्थित एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक कचरों जैसे की कटलरी, स्ट्रा, कपास की कलियों आदि पर प्रतिबंध लगाने के लिये मतदान किया है.

स्ट्रासबर्ग में, 560 MEPs (यूरोपीय संसद के सदस्य) ने समझौते के पक्ष में मतदान किया तथा 35 सदस्यों ने समझौते के विरुद्ध मतदान किया और 28 सदस्य अनुपस्थित थे.

यूरोपीय संसद के सदस्यों द्वारा किया गया मतदान यूरोपीय संघ के सभी सदस्य देशों में साल 2021 तक एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है. यह प्रतिबंध समुद्री जीवन की रक्षा में मदद के लिए कचरे के खिलाफ एक व्यापक कानून के तहत किया गया है.

मुख्य बिंदु:

   यूरोपीय संघ के अनुसार, प्लास्टिक कचरा मुख्य रूप से एक बड़ा मुद्दा है और इस समस्या से निपटने हेतु यूरोपीय लोगों को मिलकर काम करने की आवश्यकता है.

   यूरोपीय देश प्रत्येक साल 25 मिलियन टन प्लास्टिक कचरा उत्पन्न करते हैं, लेकिन रीसाइक्लिंग के लिये लगभग 30 प्रतिशत से भी कम एकत्र किया जाता है. समुद्री कूड़े में लगभग 80 प्रतिशत से अधिक प्लास्टिक कचरा होता है.

   यूरोपीय संघ द्वारा मई 2018 में समुद्री जीवन की रक्षा में मदद करने हेतु एकल-उपयोग प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव लाया गया था.

उद्देश्य और फायदे:

इसका मुख्य उद्देश्य कई सामान्य प्लास्टिक वस्तुओं के प्रयोग को रोकना है जिनमें स्ट्रॉ, कपास की कलियों, कटलरी, गुब्बारे की स्टिक आदि शामिल हैं. प्रशासनिक निकाय साल 2025 तक रीसाइक्लिंग हेतु लगभग सभी प्लास्टिक की बोतलों को भी इकट्ठा करना चाहता है. यूरोपीय संघ का अनुमान है कि ये प्रतिबंध लगभग 3.4 मिलियन टन कार्बन उत्सर्जन से बचने में मदद करेगा.

प्लास्टिक कचरे के रोकने का उपाय:

   यूरोपीय संघ के सदस्य देशों को गर्म पेय पदार्थों हेतु प्लास्टिक खाद्य कंटेनर और प्लास्टिक के ढक्कन के उपयोग को कम करने के लिये उपाय करने होंगे.

   सामान्य रूप से इस्तेमाल में लाई जाने वाली वस्तुएँ जो प्लास्टिक को मिलाकर बनाई जाएंगी के पैकेजिंग के दौरान ही उपभोक्ताओं को इन वस्तुओं के गलत तरीके से निपटाने से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान की चेतावनी देना.

   यूरोपीय संघ के सदस्य देशों को एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक के खाद्य कंटेनरों और सुपर मार्केट में बिक्री हेतु उपलब्ध कपों की संख्या को कम करने के लिए सक्रिय प्रयास करने की आवश्यकता होगी.

   इस प्रयास के तहत साल 2025 तक 25 प्रतिशत तथा साल 2029 तक 90 प्रतिशत प्लास्टिक की बोतलों का निर्माण पुनर्नवीनीकरण योग्य सामग्री से किया जाएगा.

   इसके तहत प्रत्येक देश को एक शिक्षा अभियान शुरू करना होगा, जिसमें खाद्य उत्पादकों को उत्पादों पर स्पष्ट रूप से लेबल लगाने एवं उपभोक्ताओं को प्लास्टिक कचरे का निपटान करने के बारे में सूचित करने की आवश्यकता होगी.

 

यह भी पढ़ें: 2018 के दौरान भारत में 105 मीट्रिक टन कार्बन उत्सर्जन हुआ: IEA रिपोर्ट

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