3 से 7 जून तक वित्तीय साक्षरता सप्ताह मनाया जायेगा: आरबीआई

भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा 3 जून से 7 जून, 2019 को वित्तीय साक्षरता सप्ताह-2019 मनाये जाने की घोषणा की गई है. वर्ष-2019 के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक का विषय है - “किसान और वे किस प्रकार औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से लाभान्वित हो रहे हैं.” इस सप्ताह के दौरान देश के किसानों को वित्तीय साक्षरता प्रदान की जायेगी तथा उन्हें विभिन्न वित्तीय पहलुओं से अवगत कराया जायेगा.

भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा सभी बैंकों को अपनी ग्रामीण शाखाओं में वित्तीय साक्षरता से सम्बंधित पोस्टर व अन्य जानकारी युक्त सामग्री प्रदर्शित करने के लिए निर्देश दिए गये हैं. इसके अलावा दूरदर्शन तथा आल इंडिया रेडियो पर भी वित्तीय साक्षरता के बारे में प्रचार किया जाएगा.

आरबीआई साक्षरता सप्ताह-2019

•    भारतीय रिज़र्व बैंक-2019 3 जून से 7 जून 2019 तक मनाया जायेगा. इसमें पोस्टर, वीडियो, फिल्मों के माध्यम से जानकारी प्रदान की जाएगी.
•    वित्तीय जागरुकता सन्देश में 11 संस्थाओं/उत्पाद तदर्थ वित्तीय जागरूकता संदेश हैं जैसे खाता खोलते समय प्रस्तुत कराए जाने वाले दस्तावेज (केवाईसी), बजटिंग, बचत और जिम्मेदाराना उधार का महत्व, ऋण समय पर चुकाकर अच्छा क्रेडिट स्कोर बनाए रखना, आपके दरवाजे पर या पास में बैंकिंग, बैंक और बैंकिंग लोकपाल के पास शिकायत दर्ज कराने का तरीका, इलेक्ट्रॉनिक विप्रेषणों का उपयोग, केवल पंजीकृत संस्थाओं में ही पैसे का निवेश करना आदि.
•    भारतीय रिजर्व बैंक ने पाँच लक्ष्य समूहों अर्थात किसानों, लघु उद्यमियों , स्कूली बच्चों , स्वयं सहायता समूहों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए आवश्यकता आधारित वित्तीय सामग्री विकसित की है जिसका उपयोग प्रशिक्षुओं द्वारा वित्तीय साक्षारता कार्यकर्मों में किया जा सकता है.
•    दो पोस्टरों – यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) और 99# (अनस्ट्रक्चर्ड सप्लीमेंटरी सर्विस डेटा) में डिजिटल भुगतानों के क्षेत्र में इन नई धारणाओं का वर्णन किया है.
•    आरबीआई की सभी बुकलेट सभी 13 क्षेत्रीय भारतीय भाषाओं में उपलब्ध हैं और इन्हें ‘डाउनलोड’ टैब पर आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है.

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भारतीय रिज़र्व बैंक

भारतीय रिज़र्व बैंक की स्थापना भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के प्रावधानों के अनुसार 1 अप्रैल, 1935 को हुई. रिज़र्व बैंक का केंद्रीय कार्यालय प्रारंभ में कोलकाता में स्थपित किया गया था जिसे 1937 में स्थायी रूप से मुंबई में स्थानांतरित किया गया. केंद्रीय कार्यालय वह कार्यालय है जहां गवर्नर बैठते हैं और जहां नीतियाँ निर्धारित की जाती हैं. भारतीय रिज़र्व बैंक की प्रस्तावना में बैंक के मूल कार्य इस प्रकार वर्णित किए गए हैं:

“भारत में मौद्रिक स्थिरता प्राप्त करने की दृष्टि से बैंकनोटों के निर्गम को विनियमित करना तथा प्रारक्षित निधि को बनाएं रखना और सामान्य रूप से देश के हित में मुद्रा और ऋण प्रणाली संचालित करना, अत्यधिक जटिल अर्थव्यवस्था की चुनौती से निपटने के लिए आधुनिक मौद्रिक नीति फ्रेमवर्क रखना, वृद्धि के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए मूल्य स्थिरता बनाए रखना.”

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