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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश का निधन

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश का 30 नवम्बर 2018 को निधन हो गया है. वे 94 वर्ष के थे. वे रक्त में संक्रमण के रोग से ग्रसित थे. हाल ही में उन्हें तबीयत खराब होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था. निधन के समय तक बुश अमेरिका के सबसे उम्रदराज जीवित राष्ट्रपति थे.

वे लंबे समय से बिमारी के कारण व्हील चेयर पर थे. भारत आने वाले 5वें राष्ट्रपति जॉर्ज डबल्यू बुश थे. बुश ने वर्ष 2006 में भारत का दौरा किया था. अप्रैल 2018 में उनकी पत्नी बारबरा बुश का निधन हुआ था. अमेरिकी इतिहास में बारबरा बुश एकमात्र ऐसी महिला बनीं, जिन्होंने अपने जीवनकाल में अपने पति और बेटे को राष्ट्रपति पद के लिए निर्वाचित होते देखा.

पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने शोक व्यक्त:

पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने बुश के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा की अमेरिका ने जॉर्ज हर्बर्ट वॉकर बुश के रूप में एक देशभक्त और विनम्र सेवक खो दिया है. मैं आज जहां बहुत गमगीन हूं वहीं मेरा दिल उनके प्रति आभार से भरा है.

जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश के बारे में:

•   जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश का पूरा नाम जॉर्ज हर्बर्ट वॉकर बुश था.

•   जॉर्ज हरबर्ट वॉकर बुश का जन्‍म 12 जून 1924 को मिल्टन, मैसाचुसेट्स में हुआ था.

•   उन्‍हें बचपन में माता-पिता 'पोप्‍पी' पुकारते थे. जॉर्ज की शुरुआती पढ़ाई ग्रीनविच कंट्री डे स्‍कूल में हुई थी.

•   जॉर्ज हरबर्ट वॉकर बुश अमेरिका के 41वें राष्ट्रपति थे. उनका कार्यकाल वर्ष 1989 से वर्ष 1993 तक था.

•   वर्ष 1988 में राष्ट्रपति चुने जाने से पहले वो संयुक्त राष्ट्र (यूएन) और चीन में अमेरिका के राजदूत रह चुके थे. साथ ही वे केंद्रीय जांच एजेंसी (सीआईए) के निदेशक भी रह चुके थे. वे 8 वर्षों तक अमेरिका के उप-राष्ट्रपति भी थे.

•   जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश के शासन काल में ही खाड़ी युद्ध हुआ था. तब इराक ने कुवैत पर हमला बोल दिया था. इसके बाद उस वक्त जॉर्ज डब्ल्यू बुश की अगुवाई में ही अमेरिका ने इराक के तानाशाह सद्दाम हुसैन की फौजों को कुवैत से बाहर खदेड़ा था.

•   जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश ने शीतयुद्ध के खात्मे के बाद अमेरिका को आगे बढ़ने में मदद की थी.

•   बुश विदेश नीति के अच्छे जानकार थे. वर्ष 1989 में सोवियत संघ के विघटन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी.

•   देश की कमजोर अर्थव्यवस्था के चलते वर्ष 1992 के चुनाव में उन्हें डेमोक्रेट उम्मीदवार बिल क्लिंटन से मात खानी पड़ी.

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