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जी-20 सम्मेलन 2018 का समापन, भारत 2022 में मेजबानी करेगा

अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स में आयोजित दो दिवसीय जी-20 शिखर सम्मेलन के समापन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की कि भारत को वर्ष 2022 के जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी प्राप्त हुई है.

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को जी-20 की मेजबानी मिलने के बाद इटली को धन्यवाद दिया. साथ ही, उन्होंने जी-20 समूह के नेताओं को 2022 में भारत आने का न्यौता दिया. बता दें कि साल 2022 में जी-20 सम्मेलन की मेजबानी इटली को करनी थी लेकिन भारत का आग्रह मानते हुए इटली ने यह अवसर भारत को सौंप दिया है.

 

भारत वर्ष 2022 में जी-20 की मेजबानी करेगा

वर्ष 2022 में इटली को जी20 की मेजबानी करनी थी लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के अनुरोध पर अब भारत मेजबानी करेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि जिस वर्ष देश अपना 75वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा उसी साल वह जी-20 समिट की मेजबानी करेगा. पीएम मोदी ने कहा, 'वर्ष 2022 में भारत का 75वां स्वतंत्रता दिवस होगा, हमने इटली से अनुरोध किया कि हमें साल 2021 की जगह साल 2022 में जी 20 की मेजबानी करने दी जाए. उनके साथ सभी ने हमारा अनुरोध स्वीकार कर लिया. मैं कृतज्ञ हूं और दुनिया भर के नेताओं को साल 2022 में आने का न्योता देता हूं.

भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण: जी-20 वित्तीय स्थिरता बोर्ड, अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन, संयुक्त राष्ट्र, विश्व बैंक और विश्व व्यापार संगठन के साथ मिलकर काम करता है. भारत को जी-20 शिखर सम्मेलन आयोजित करने से आर्थिक एवं कूटनीतिक लाभ हासिल हो सकता है.

 

जी-20 शिखर सम्मेलन 2018 में भारत

•    भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिका, जापान सहित कई देशों के राष्ट्रध्यक्षों से मुलाकात की.

•    अमेरिका और जापान से बैठक के बाद पीएम मोदी ने एक नया नारा भी दिया. मोदी ने जय (J A I- जापान, अमेरिका, इंडिया) का नारा दिया. उनके मुताबिक जय का मतलब है सफलता.

•    यह जापान-अमेरिका और भारत की पहली बार हुई त्रिपक्षीय मुलाकात का.

•    इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने वित्तीय अपराध को दुनिया के लिए बड़ा खतरा बताया और इसके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए 9 सूत्री  एजेंडा दुनिया के सामने रखा.

•    पीएम मोदी ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष डोनाल्ड टस्क, यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष जीन क्लॉड जंकर और जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल से मुलाकात की.

•    इस दौरान उन्होंने सभी तरह के आतंकवाद से लड़ने के लिए संयुक्त प्रयास समेत भारत-यूरोपीय संघ के बीच संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की.

•    जी-20 शिखर सम्मेलन से अलग प्रधानमंत्री मोदी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी मुलाकात की. इस दौरान दोनों देशों ने रिश्ते मजबूत करने पर चर्चा की.

 

जी-20 समूह क्या है?

सितंबर 1999 में जी-7 देशों के वित्त मंत्रियों ने जी-20 का गठन एक अंतरराष्ट्रीय मंच के तौर पर किया था. यह मंच अंतरराष्ट्रीय वित्तीय स्थिरता को बनाए रखने के साथ ब्रेटन वुड्स संस्थागत प्रणाली की रूपरेखा के भीतर आने वाले व्यवस्थित महत्वपूर्ण देशों के बीच अनौपचारिक बातचीत एवं सहयोग को बढ़ावा देता है. यह समूह (जी-20) अपने सदस्यों के अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग और कुछ मुद्दों पर निर्णय करने के लिए प्रमुख मंच है. इसमें 19 देश और यूरोपीय संघ शामिल है. जी-20 के नेता वर्ष में एक बार साथ मिलते हैं और बैठक करते हैं.

 

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