Children's Day 2019: जानें बाल दिवस की शुरुआत कब हुई?

भारत में प्रतिवर्ष 14 नवंबर को बाल दिवस के रुप में मनाय़ा जाता है. बाल दिवस बच्चों के अधिकार, देखभाल तथा शिक्षा के प्रति लोगों की जागरूकता बढ़ाने हेतु मनाया जाता है. भारत में बाल दिवस भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के जन्मदिन पर प्रत्येक साल मनाया जाता है. बाल दिवस जवाहर लाल नेहरू के जन्मदिन पर बच्चों के प्रति उनके स्नेह के रुप में मनाया जाता है.

बाल दिवस बच्चों को समर्पित भारत का एक मुख्य राष्ट्रीय त्योहार है. भारत के अतिरिक्त बाल दिवस विश्व भर में अलग-अलग तारीखों पर मनाया जाता है. पंडित जवाहर लाल नेहरु अपना अधिकतर समय बच्चों के साथ बिताना पसंद करते थे, वो हमेशा बच्चों के प्रति अपना स्नेह जाहिर करते थे.

बाल दिवस का इतिहास: 

बाल दिवस की नींव साल 1925 में रखी गई थी. इसके बाद विश्व भर में साल 1953 में इसे मान्यता मिली. संयुक्त राष्ट्र ने 20 नवंबर 1958 को बाल अधिकारों की घोषणा की लेकिन यह भिन्न-भिन्न देशों में अलग-अलग दिन मनाया जाता है. बाल दिवस आज भी कुछ देशों में 20 नवंबर को मनाया जाता है. कई देशों में साल 1950 से बाल संरक्षण दिवस (01 जून) पर ही बाल दिवस मनाया जाता है. इसे ‘विश्व बाल दिवस’ के नाम से जाना जाता है. यह दिवस बच्चों के बेहतर भविष्य तथा उनकी मूल आवश्यकताओं को पूरा करने की याद दिलाता है.

भारत में 'बाल दिवस' मनाने की शुरुआत कब हुई?

प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का निधन 27 मई 1964 को हो गया था. उनके निधन के बाद बच्चों के प्रति उनके प्यार को देखते हुए सभी के सहमति से यह निर्णय लिया गया कि अब से प्रत्येक साल 14 नवंबर को चाचा नेहरू के जन्मदिवस पर बाल दिवस मनाया जाएगा. इसलिए प्रत्येक साल 14 नवंबर को पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती के दिन पूरे भारत में ‘बाल दिवस’ मनाया जाता है.

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पंडित जवाहरलाल नेहरू के बारे में

• पंडित जवाहर लाल नेहरू का जन्म 14 नवंबर 1889 को इलाहाबाद में हुआ था.

• पंडित जवाहर लाल नेहरू की शादी साल 1916 में कमला नेहरू से हुई.

• वे स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री थे.

• उन्होंने इंग्लैंड कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से एमए किया.

• पंडित नेहरू को आजादी के आंदोलन में साल 1929 में पहली बार जेल हुई.

• उन्होंने ग्लिंप्स ऑफ वर्ल्ड हिस्ट्री, डिस्कवरी ऑफ इंडिया जैसी कुछ पुस्तकें भी लिखी हैं.

• उन्हें साल 1955 में ‘भारत रत्न’ से सम्मनित किया गया था.

• जवाहर लाल नेहरू की 16 साल की उम्र तक अधिकांश शिक्षा उनके घर पर ही हुई.

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