Advertisement

गूगल ने भारतीय भाषाओं के लिए नवलेख प्लेटफ़ॉर्म लॉन्च किया

विश्व की प्रसिद्ध आईटी कंपनी गूगल ने भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने के लिए यहां की स्थानीय भाषाओं को प्राथमिकता देना आरंभ करते हुए एक पहल आरम्भ की है. इसी क्रम में गूगल ने प्रोजेक्ट नवलेख आरंभ किया है. प्रोजेक्ट नवलेख को नई दिल्ली में आयोजित चौथे ‘गूगल फॉर इंडिया’ कार्यक्रम में लॉन्च किया गया.

भारत विश्व का दूसरा सबसे अधिक इन्टरनेट उपयोग किया जाने वाला देश है इसलिए गूगल के लिए भारतीय मार्केट काफी अहम है. भारतीय लोग इन्टरनेट पर हिंदी अथवा अन्य स्थानीय भाषाओँ में बातचीत एवं पोस्ट करना पसंद करते हैं जबकि इंटरनेट पर भारतीय भाषाओँ का कंटेंट केवल एक प्रतिशत है.

प्रोजेक्ट नवलेख क्या है?

नवलेख शब्द संस्कृत भाषा से लिया गया है, इसका अर्थ है ‘लिखने का नया तरीका.’ इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य भारत में स्थानीय भाषाओँ के 1,35,000 प्रकाशकों को ऑनलाइन लाना है, इसके लिए वेब होस्टिंग को काफी सरल किया जायेगा. स्थानीय भाषाओँ के प्रकाशक जो अपनी स्थानीय भाषा में  प्रयुक्त ऑफलाइन सामग्री को ऑनलाइन डालना चाहें उन्हें गूगल की इस पद्धति का सहारा लेना पड़ेगा. इस प्रकार जो स्थानीय भाषाओँ के प्रकाशक अपने ऑफलाइन कंटेंट को ऑनलाइन डालना चाहते हैं, वे गूगल के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल की सहायता से डॉक्यूमेंट स्कैन करके प्लेटफार्म में तुरंत वेबपेज बना सकते हैं. इसके लिए किसी विशेष तकनीकी ज्ञान की आवश्यकता नहीं है. प्रोजेक्ट नवलेख के तहत गूगल इन प्रकाशकों को प्रशिक्षण व सहायता प्रदान करेगा.


गूगल के बारे में

गूगल एक अमेरीकी बहुराष्ट्रीय सार्वजनिक कम्पनी है, जो इंटरनेट सर्च, क्लाउड कम्प्यूटिंग और विज्ञापन तंत्र में कार्य करता है. यह इंटरनेट पर आधारित कई सेवाएँ और उत्पाद बनाता तथा विकसित करता है. गूगल की शुरुआत 1996 में एक रिसर्च परियोजना के दौरान लैरी पेज़ तथा सर्गेई ब्रिन ने की. उस वक्त लैरी और सर्गी स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय, कैलिफ़ोर्निया में पी॰एच॰डी॰ के छात्र थे. कैलिफ़ोर्निया के माउंटेन व्यू, कैलिफोर्निया में स्थित गूगल के मुख्यालय को गूगलप्लेक्स के नाम से सम्बोधित किया जाता है.

 

यह भी पढ़ें: भारतीय रेलवे ने भारत का पहला स्मार्ट कोच लॉन्च किया

 
Advertisement

Related Categories

Advertisement