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अटल पेंशन योजना अनिश्चितकाल तक बढ़ाई गई

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अटल पेंशन योजना का अनिश्चितकाल तक विस्तार करने का फैसला किया है, जो अगस्त 2018 में खत्म हो रहा था. इसके अलावा उम्र सीमा में पांच साल का विस्तार किया गया है तथा दुर्घटना बीमा को बढ़ाकर दोगुना कर दिया गया है.

अटल पेंशन योजना (एपीवाई) एक सामाजिक सुरक्षा योजना है, जिसे सरकार ने 2015 में 1000 रुपए से लेकर 5000 रुपए तक का पेंशन मुहैया कराने के लिए लांच किया था.

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि इस योजना का लक्ष्य घरों को दायरे में लाने की बजाए लोगों को इसके दायरे में लाने पर है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, सरकार की इस फ्लैगशिप योजना का लाभ 1 करोड़ से ज्यादा लोगों ने उठाया है.

अटल पेंशन योजना के बारे में नई घोषणा

•    पहले इस योजना में 18 से 60 साल तक के उम्र के व्यक्ति ही भाग ले सकते थे लेकिन औसत जीवन प्रत्याशा में बढ़ोतरी को देखते हुए हमने अब अधिकतम सीमा बढ़ाकर 65 साल कर दी गई है.  

•    28 अगस्त के बाद खोले गए सभी खातों का दुर्घटना बीमा 1 लाख से बढ़ाकर 2 लाख कर दिया गया है.

•    इस योजना की ओवरड्राफ्ट सुविधा को 5,000 रुपए से बढ़ाकर 10,000 रुपए कर दिया है.

•    अटल पेंशन योजना का आवेदन देने के लिए आपके पास आधार नंबर, बैंक अकाउंट और वैध मोबाइल नंबर होना चाहिए.

•    यह वैकल्पिक योजना है. इस योजना में लोगों को 80CCD के तहत टैक्स छूट भी मिलती है.

•    देश के सभी बड़े बैंक अटल पेंशन योजना में खाता खोलने की सुविधा देते हैं. दाज घर में जाकर भी इसका खाता खोल सकते हैं.

अटल पेंशन योजना की विशेषताएं

इस योजना में हर महीने, तिमाही और छमाही आधार पर निवेश किया जा सकता है. इसमें सरकार जमाकर्ता के कुल योगदान में 50 फीसदी या 1000 रुपए जो भी कम होगा वह जोड़ेगी. यह रकम 5 वर्ष के लिए डाली जाएगी. निवेशक की मृत्यु के बाद पति या पत्नी को भी यह पेंशन मिलती रहेगी. पत्नी (या पति) की मृत्यु के बाद 60 वर्ष की आयु पर जो भी आपके पेंशन फण्ड में राशि थी, वह आपके नॉमिनी को दे दी जायेगी.

 

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