केंद्र सरकार ने खरीफ की 14 फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 01 जून 2020 को 14 खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी को मंजूरी दी. सरकार के इस कदम से किसानों को अपनी फसल की लागत से 50-83 प्रतिशत अधिक धन प्राप्त होगा.

यह जानकारी केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने एक प्रेस वार्ता के दौरान साझा की है. किसानों को राहत देने के लिए 14 खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में 50- 83 प्रतिशत की वृद्धि की गई है.

मंत्रीजी ने बताया कि किसानों को अपना ऋण चुकाने के लिए अब और समय मिलेगा और वे अगस्त 2020 तक अपना कर्ज चुका सकते हैं.

2020-21 के लिए 14 खरीफ फसलों के लिए MSP की दर

धान: 1868 रुपये/ क्विंटल

ज्वार: 2620 रुपये/ क्विंटल

बाजरा: 2150 रुपये/ क्विंटल

कपास: 5,515 रुपये/ क्विंटल

रागी, मूंग, मूंगफली, सोयाबीन, तिल: MSP में 50 प्रतिशत की वृद्धि

केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर ने बताया कि, वर्ष 2020-21 के लिए धान की फ़सल के लिए MSP की दर अब 1868 रुपये प्रति क्विंटल, ज्वार के लिए 2620 रुपये/ क्विंटल, बाजरा के लिए 2150 रुपये/ क्विंटल और रागी, मूंग, मूंगफली, सोयाबीन, तिल और कपास में 50% की वृद्धि हुई है.

प्रधानमंत्री स्वच्छनिधि योजना

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत, केंद्र स्ट्रीट वेंडर्स के लिए 5000 करोड़ रुपये की विशेष क्रेडिट सुविधा प्रदान करेगा. इस योजना से 5 मिलियन स्ट्रीट वेंडर्स, फेरीवालों, छोटी दुकानें चलाने वालों और ठेले पर सामान बेचने वालों को फायदा होने की उम्मीद है.

कैबिनेट ने MSMEs के लिए केंद्र के दो पैकेजों को मंजूरी दी

कैबिनेट ने संकटग्रस्त MSMEs का समर्थन करने के लिए निम्नलिखित प्रमुख उपायों को मंजूरी दी है:

  1. 20000 करोड़ रुपये: यह पैकेज संकटग्रस्त MSMEs के लिए अनुमोदित किया गया है. इससे 2 लाख से अधिक संकटग्रस्त MSMEs को लाभ होने की उम्मीद है.

2. 50,000 करोड़ रुपये: इस राशि को देश के विभिन्न MSMEs को निधियों के कोष के माध्यम से प्रदान किया जाएगा, जिससे MSME अपना नाम सूचीबद्ध करवाने के लिए आगे आयें. 

कैबिनेट ने MSMEs के लिए इन दोनों पैकेजों का इस्तेमाल करने के लिए विभिन्न तौर-तरीकों और रोड मैप को मंजूरी दे दी है. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने यह बताया कि, संकटग्रस्त MSME के लिए 20,000 करोड़ रुपये का पैकेज और निधियों के कोष के माध्यम से 50,000 करोड़ रुपये की इक्विटी देने की व्यवस्था की गई है.  

इसके अलावा, कैबिनेट ने मध्यम उद्यमों के लिए टर्नओवर की सीमा को 250 करोड़ रुपये और निवेश सीमा को बढ़ाकर 50 करोड़ रुपये करने को भी मंजूरी दी है. इस बात की जानकारी प्रकाश जावड़ेकर ने मीडिया ब्रीफिंग के दौरान दी.

महत्त्व

MSME क्षेत्र के लिए किए गये इन उपायों का उद्देश्य व्यवसाय करने में सरलता में सुधार करना, निवेश आकर्षित करना और रोजगार पैदा करना है.

पृष्ठभूमि

केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसलों पर प्रेस वार्ता के दौरान विभिन्न केंद्रीय मंत्रियों जैसेकि, प्रकाश जावड़ेकर, नितिन गडकरी और नरेंद्र तोमर ने केंद्र सरकार के इन फैसलों की घोषणा की. इन मंत्रियों ने किसानों और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम क्षेत्र के लिए कैबिनेट द्वारा लिए गए इन फैसलों की घोषणा की.

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