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केंद्र सरकार द्वारा जन-धन योजना जारी रखने एवं ओवरड्राफ्ट सीमा दोगुनी करने की घोषणा

केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री जन-धन योजना को विश्व की सबसे बड़ी वित्तीय समावेशन योजना बताते हुए इसे आगे जारी रखने की घोषणा की है. साथ ही, इसका प्रति परिवार की अपेक्षा प्रति वयस्क व्यक्ति तक विस्तार करने का निर्णय लिया है.  

इसके अतिरिक्त जनधन खाते में मिलने वाली ओवर ड्राफ्ट (ओडी) और बीमा राशि को दोगुना कर दिया गया है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में 05 सितंबर 2018 को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिये गये.

घोषणा के मुख्य बिंदु

•    प्रारंभ में जन-धन योजना को चार वर्षों के लिए शुरू किया गया था जो इस वर्ष 14 अगस्त को समाप्त हो गया.

•    अब यह योजना अगले फैसले तक जारी रहेगी और इसे कब समाप्त करना है,  यह निर्णय बाद में लिया जायेगा.

•    जन-धन योजना का उद्देश्य पहले एक परिवार एक खाता था लेकिन अब हर परिवार के सभी वयस्कों का जनधन खाता खोला जा सकेगा.

•    वर्तमान जन-धन खातों पर ओवरड्राफ्ट (ओडी) की सीमा 5,000 रुपये ही रहेगी लेकिन नये खातों के लिए यह सीमा 10 हजार रुपये करने का निर्णय लिया गया है.

•    इसके साथ ही इसके तहत मिले ‘रुपे’ कार्ड से जुड़ी दुर्घटना बीमा योजना के तहत मिलने वाली राशि की सीमा एक लाख रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये कर दिया गया है जो 28 अगस्त 2018 के बाद खुलने वालों खाताधारकों के लिए होगा.

•    दो हजार रुपये तक की ओडी के लिए कोई शर्त नहीं होगा और ओडी लेने वालों की आयु पहले 18 से 60 वर्ष थी जिसे बढ़ाकर अब 65 वर्ष कर दी गयी है.

•    अटल पेंशन योजना में 1.11 लाख लोग जुड़े हैं और यह योजना अगस्त 2018 में समाप्त हो रही थी लेकिन अब इसे आगे भी जारी रखने का फैसला किया गया है.

जन-धन योजना के बारे में

विश्व बैंक ने जन-धन योजना को विश्व की सबसे बड़ी वित्तीय समावेशन योजना बताया है क्योंकि पिछले चार वर्षों में भारत में इसके तहत 32.41 करोड़ खाते खुले हैं जबकि पूरी दुनिया में यह 51.50 करोड़ है. इनमें से 53% खाते ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के हैं और 59% बैंक खाते ग्रामीण और अर्ध शहरी क्षेत्रों में खोले गए हैं. अभी तक 83% बैंक खातों को आधार से जोड़ा जा चुका है और 24.4 करोड़ लोगों के पास ‘रुपे’ कार्ड है.

31 जनवरी 2015 से पहले के खातों में 30 हजार रुपए के बीमा की सुविधा से 4981 परिवारों को लाभ मिला है. एक रुपया महीना की जीवन बीमा योजना को 13.98 करोड़ लोगों ने अपनाया है और उसमें 19 हजार 436 दावों का निस्तारण किया गया है.

 

 

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