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एनसीआरबी महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध की राष्ट्रीय रजिस्ट्री तैयार करेगी

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध की राष्ट्रीय रजिस्ट्री तैयार करने की प्रक्रिया में है.

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के प्रमुख ईश कुमार ने 21 मई 2018 को बताया कि एनसीआरबी महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध की राष्ट्रीय रजिस्ट्री तैयार करने की प्रक्रिया में है.

यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है जब महिलाओं के खिलाफ अपराध में वर्ष 2015 की तुलना में तीन फीसदी और दुष्कर्म की घटना में 12 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

 

लक्ष्य:

इस लक्ष्य के लिए क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम से रिकॉर्ड हासिल किया जा रहा है और डेटाबेस तैयार करने के लिए एक एजेंसी को भी काम पर लगाया जा रहा है.

 

कठोर कानून

सरकार महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर गंभीर है. इस तरह के अपराधों से निपटने के लिए कठोर कानून पेश किए गए हैं. महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मामले में दोषी साबित होने की दर कम होने पर चिंता जताते हुए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री हंसराज गंगाराम अहीर ने कहा कि इस तरह के मामलों का तेजी से निपटारा अपराध पर रोक लगाएगा और अपराधियों में भय पैदा करेगा. जिससे आगे ऐसे अपराध करने में लोग डरेंगे.

 

राष्‍ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्‍यूरो:

  • राष्‍ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्‍यूरो भारत सरकार, गृह मंत्रालय के साथ संलग्‍न एक कार्यालय है.
  • राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की स्थापना 11 मार्च 1986 को अपराध और अपराधियों की सूचना के संग्रह एवं के रूप में की गई थी.
  • इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है.
  • इस ब्‍यूरो का प्रमुख उद्देश्य भारत की पुलिस के आधुनिकीकरण और सूचना प्रौद्योगिकी में सशक्‍त करना है.
  • राष्‍ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्‍यूरो पहला संगठन है जिसने भारत में स्‍वचालित अंगुलि छाप पहचान प्रणाली को स्‍थापित किया है जिसे "अंगुलि छाप विश्‍लेषण एवं अपराधी खोज प्रणाली" का नाम दिया गया है.

यह भी पढ़ें: छत्‍तीसगढ़ में ‘ब्लैक पेंथर’ दस्ते का गठन

 
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