केंद्र सरकार ने बिना बैटरी वाले इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री और पंजीकरण की अनुमति दी

केंद्र सरकार ने 12 अगस्त 2020 को पहले से बैटरी लगे बिना भी इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री और पंजीकरण की अनुमति दे दी है. केंद्र सरकार ने कहा कि इससे इन वाहनों की लागत में कमी आयेगी. केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के मुताबिक रजिस्ट्रेशन कराते समय बैटरी के बारे में जानकारी देने की जरूरत नहीं होगी.

इलेक्ट्रिक वाहनों की कुल लागत में लगभग 30 से 40 प्रतिशत बैटरी की होती है. केंद्र सरकार ने कहा कि कंपनियों इसे अलग से दे सकती हैं. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने कहा कि मंत्रालय ने पहले से बैटरी लगाए बिना भी इलेक्ट्रिक वाहनों के रजिस्ट्रेशन की अनुमति दे दी है.

परिवहन सचिवों को लिखा पत्र

मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के परिवहन सचिवों को लिखे पत्र में, स्पष्ट किया है कि परीक्षण एजेंसी द्वारा जारी किए गए सर्टिफिकेट ऑफ अप्रूवल के आधार पर बिना बैटरी वाले वाहनों को बेचा और रजिस्टर किया जा सकता है.

प्रदूषण को करेगा कम

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने कहा कि यह वाहनों के प्रदूषण और तेल आयात व्यय को कम करने हेतु व्यापक राष्ट्रीय एजेंडा को प्राप्त करने की दिशा में संयुक्त रूप से काम करने का समय है. यह न केवल पर्यावरण की रक्षा करेगा और तेल आयात व्यय को कम करेगा, बल्कि यह कई नए उद्योगों को भी अवसर प्रदान करेगा.

बैटरी के बारे में जानकारी देने की जरूरत नहीं

मंत्रालय के अनुसार रजिस्ट्रेशन कराते समय बैटरी के बारे में जानकारी देने की जरूरत नहीं होगी. हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहन और बैटरी (नियमित या स्वैपेबल) के प्रोटोटाइप को केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 126 के तहत खास टेस्टिंग एजेंसियों द्वारा अनुमोदित किया जाना आवश्यक है. प्रमुख सचिवों और राज्यों के परिवहन सचिवों को दी गई सलाह में कहा गया कि सरकार देश में इलेक्ट्रिक आवागमन में तेजी लाने के लिए एक इकोसिस्टम बनाने की कोशिश कर रही है.

विद्युत वाहन को बढ़ावा

दो पहिया और तिपहिया विद्युत वाहनों को बढ़ावा देने के लिए, वाहन लागत से बैटरी की लागत (जो कुल लागत का 30-40 प्रतिशत होती है) को हटाने की सिफारिशें मंत्रालय से की गईं. तब वाहनों को बैटरी के बिना भी बाजार में बेचा जा सकता है.

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